जागरण संवाददाता, वाराणसी। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास परियोजना के तहत बीते मंगलवार को बुलडोजर से एक प्राचीन मढ़ी (चबूतरे) को ध्वस्त करने करने के दौरान मलबे में पड़ी राजमाता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति और सीढ़ियों पर लगे फूल-पत्ती व अन्य कलाकृतियों का वीडियो प्रसारित होने के बाद उपजे विवाद का प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया है। प्रशासन को विकास के साथ धरोहरों को संरक्षित करने के निर्देश दिया है।
प्रशासन पहले ही मूर्तियों के संरक्षण और उन्हें पुन: स्थापित कराने की बात कहता आ रहा है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि अहिल्याबाई की मूर्ति समेत अन्य समस्त धरोहरों को नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी मूर्तियों को संरक्षण के दृष्टिगत संस्कृति विभाग के परिसर में सुरक्षित रख दिया गया है। घाट के पुनर्विकास के बाद इसे यथावत उक्त स्थल पर सम्मान के साथ लगाया जाएगा।
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर गुरुवार को तीखा हमला बोला। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री हर ऐतिहासिक विरासत को मिटाकर केवल अपनी \“नेमप्लेट\“ लगाना चाहते हैं। अखिलेश ने कहा कि अविनाशी काशी ही भाजपा के विनाश का कारण बनेगी।
मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर हुई तोड़फोड़ का पाल समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल पिंटू ने समर्थकों के साथ विरोध किया था। महेंद्र पाल ने कहा कि विकास के नाम पर धरोहरों को हटाना गलत है। घाट के चच्छन गुरु का आरोप था कि विकास के नाम पर घाट का अस्तित्व खत्म किया जा रहा है। इसके आसपास रहने वालों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। अगले दिन बुधवार को होलकर वंश के प्रतिनिधि यशवंत राव तृतीय बनारस आए और मणिकर्णिका घाट देखने पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर एस राजलिंगम व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से मुलाकात कर मूर्तियों को लेकर चिंता जताई।
मणिकर्णिका के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने सात जुलाई, 2023 को किया था। 18 करोड़ रुपये में यह कार्य रूपा फाउंडेशन, कोलकाता कारपोरेट सोशल रिसपांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से करा रहा है। यह दायित्व प्राइवेट कार्यदायी संस्था अभियंत्रण के जिम्मे है और इसे जून, 2026 तक पूरा करना है।
एक्स पर गर्म राजनीति
\“आपने नवीनीकरण के बहाने मणिकर्णिका घाट की उस दुर्लभ प्राचीन विरासत को ध्वस्त करने का अपराध किया है, जिसका उल्लेख गुप्त काल में मिलता है और जिसे बाद में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने पुनर्स्थापित कराया था।\“ -मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष
\“मणिकर्णिका घाट की प्राचीनता और उसका धार्मिक अपार महत्व है और यह लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृतियों से भी जुड़ा है। इससे पहले भी वाराणसी में नवीनीकरण के नाम पर सदियों पुराने मंदिर तोड़े गए हैं।\“-प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव
\“अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति के अपमान व उनकी सनातनी काशी-विरासत के प्रति तिरस्कार पूर्ण कार्रवाई को कोई भी सच्चा आस्थावान नहीं सहेगा। भाजपाई ये सब काम सिर्फ पैसा कमाने के लिए कर रहे हैं, उनको न काशी से मतलब है न काशीवासियों से, न उनसे जुड़े किसी ऐतिहासिक महान व्यक्तित्व से।\“ - अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष |