PM Awas Yojana:निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन पूरा नहीं हो पाने के कारण हुई यह स्थिति। फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, पताही (पूर्वी चंपारण)। PMAY-G verification: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का घर पाने की उम्मीद लगाए बैठे पूर्वी चंपारण जिले के हजारों गरीब परिवारों का सपना अधूरा रह सकता है। पताही प्रखंड में निर्धारित समय सीमा के भीतर लाभुकों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाने के कारण 10,242 लाभुकों को योजना से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
प्रखंड की 15 पंचायतों में पीएम आवास ग्रामीण के कुल 20,710 लाभुक चिन्हित किए गए थे। विभागीय निर्देश के अनुसार 15 जनवरी तक सत्यापन अनिवार्य था, लेकिन 14 जनवरी तक केवल 9,342 लाभुकों का ही सत्यापन हो सका। शेष लाभुकों का सत्यापन लंबित रहने से प्रशासनिक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
पंचायतवार सत्यापन की स्थिति
अब तक बलुआ जुल्फेकाराबाद में 206, पताही पश्चिमी में 408, बखरी में 335, देवापुर में 635, बोकानेकला में 787, बेलाहीराम में 616, पदुमकेर में 495, बेतवना में 756, नोनफरवा में 580, बड़ाशंकर में 540, गोनाही में 1,035, पताही पूर्वी में 795, सरैयागोपाल में 639, परसौनी कपूर में 858 और जिहुली पंचायत में 625 लाभुकों का ही सत्यापन किया जा सका है।
इस संबंध में बीडीओ उदय कुमार ने बताया कि सभी आवास सत्यापन कर्मियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा का पालन नहीं करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए डीडीसी को पत्र भेजा जाएगा।
सत्यापन में देरी के कारण ग्रामीण इलाकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति है। लाभुकों को डर है कि प्रशासनिक लापरवाही की कीमत उन्हें अपने पक्के घर के सपने से हाथ धोकर चुकानी न पड़े।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): क्या है पूरी योजना?
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर उपलब्ध कराना है।
मिलने वाली आर्थिक सहायता
- मैदानी क्षेत्र: ₹1.20 लाख
- पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र: ₹1.30 लाख
- शौचालय निर्माण: ₹12,000 (SBM के तहत)
- मनरेगा मजदूरी: 90–95 दिन (₹18,000–₹20,000 अनुमानित)
- वैकल्पिक बैंक ऋण: ₹70,000 तक, 3% ब्याज सब्सिडी के साथ
पात्रता (Eligibility Criteria)
- जिनके पास पक्का घर नहीं है
- कच्चे या जर्जर मकान में रहने वाले परिवार
- बेघर, बंधुआ मजदूर
- SC, ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग
- चयन SECC 2011 और आवास प्लस सर्वे के आधार पर
|