search

चंडीगढ़ में बुजुर्ग दंपती से ठगे थे 38 लाख, गिरोह के सरगना समेत 6 गिरफ्तार, केजीएफ फिल्म देख बना ‘रॉकी’, फिर शुरू किया ठगी का खेल

deltin33 1 hour(s) ago views 909
  

चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में ठगी करने वाले गिरोह के शातिर।  



जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। बुजुर्ग दंपती से 38 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत छह ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चंडीगढ़ की एक महिला भी शामिल है। गिरोह के मास्टरमाइंड फजल उर्फ रॉकी तमिलनाडु के चेन्नई से पकड़ा है। वह केजीएफ फिल्म से प्रभावित होकर खुद को ‘रॉकी’ समझने लगा और फिर ठगी का खेल शुरू किया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो में बदलने का नेटवर्क खड़ा किया था। पुलिस ने एनसीआरपी और गृह मंत्रालय के 14सी पोर्टल की मदद से शिकायतकर्ता की अधिकांश रकम होल्ड भी करवा ली है। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी गिरफ्तारी और खुलासे संभव हैं।
पंजाब, चंडीगढ़ और चेन्नई के शातिरों ने मिलकर बनाया गिरोह

  • वीना रानी (29) और सतनाम सिंह (40) निवासी फिरोजपुर
  • सुखदीप सिंह उर्फ सुख (28) और धर्मिंदर सिंह उर्फ लड्डी (40) निवासी फाजिल्का
  • मुकेश उर्फ प्रिंस (25) निवासी सेक्टर-45 चंडीगढ़
  • फजल उर्फ रॉकी (25) निवासी चेन्नई, तमिलनाडु

बुजुर्ग दंपती को गिरफ्तारी का डर दिखा दिया था वारदात को अंजाम

एसपी साइबर क्राइम गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्रवाई कृष्ण चंद की शिकायत पर हुई है। उन्होंने बताया था कि 7 जनवरी को शाम करीब 5:50 बजे उन्हें अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है। सहयोग न करने पर गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी।

इसके बाद आरोपित व्हाॅट्सएप पर वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहनकर बात करने लगे और फर्जी अरेस्ट वारंट व दस्तावेज भी भेजे। यही नहीं, कृष्ण की पत्नी को भी वीडियो कॉल कर गिरफ्तारी की धमकी दी गई।

बाद में एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सीबीआई निदेशक बताते हुए डराया। लगातार दबाव और भय के माहौल में आकर पीड़ित ने 7 से 8 जनवरी के बीच आरटीजीएस के माध्यम से 38 लाख रुपये अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए।
यूएसडीटी में बदली गई ठगी की रकम

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदला गया। इसके लिए मुकेश उर्फ प्रिंस की मदद ली गई, जिसे हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। यह पूरी प्रक्रिया फज़ल उर्फ रॉकी के निर्देश पर चेन्नई से संचालित की जा रही थी।
पहले महिला, फिर पूरा गिरोह दबोचा

तकनीकी सर्विलांस के आधार पर 9 जनवरी को सेक्टर-32 चंडीगढ़ से वीना रानी को गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में 24.50 लाख रुपये निकालने और 4.40 लाख रुपये कमीशन के रूप में देने की बात कबूल की।

इसके बाद सेक्टर-45 के बुड़ैल क्षेत्र से अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चेन्नई में छापा मारकर सरगना फजल उर्फ रॉकी को दबोच लिया गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, कई बैंक खातों की पासबुक और चेकबुक बरामद की गई हैं।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
461916

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com