बाएं से इंद्रेश महाराज और बी प्राक। जागरण
संवाद सूत्र, जागरण, बरसाना। ब्याहुला महोत्सव में मंगलवार को हल्दी व मेहंदी रस्म के दौरान इंद्रेश महाराज ने सिंगर बी प्राक को गिरधरलाल जू का फूफा और राधारानी का फूफिया ससुर बनाया। बुधवार को इंटरनेट मीडिया पर बी प्राक के फूफा बनने पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया।
इसे परंपरा के साथ खिलवाड़ बताया। नंदगांव के सुशील गोस्वामी ने कहा कि राधाकृष्ण से अगर भाव का रिश्ता है तो सिर्फ ब्रजवासियों का, किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं। जो व्यक्ति मांस व शराब का सेवन करता है, वो ठाकुरजी का फूफा कैसे बन जाएगा। इंद्रेश महाराज धर्म की आड़ में परंपरा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
गिरधरलाल जू की बरात में झूम उठा ब्रज
गिरधरलाल जू के ब्याहुला उत्सव में बरसाना की गलियां बुधवार को आनंद और भक्ति के रंग में रंग गईं। बैंडबाजा के साथ जब लालजू की भव्य बरात निकली तो मानो पूरा बृज झूम उठा। देश-दुनिया के श्रद्धालु इस दिव्य क्षण का साक्षी बने।
कथा वाचक इंद्रेश महाराज द्वारा मनाए जा रहे ब्याहुला महोत्सव में बुधवार को गिरधारलाल जू की बरात कस्बा के प्रिया कुंड से निकली। बैंडबाजों पर भक्त झूमते रहे। कोई गोपी का तो कोई सखा के रूप में कान्हा की सेवा में तत्पर नजर आया।
कई श्रद्धालु कान्हा की सास बनकर हंसी ठिठोली के साथ उत्सव में रंग भरते दिखाई दिए। बरसाना की गलियां केवल मार्ग नहीं बल्कि भक्ति की जीवंत धारा बन गईं। गिरधरलाल जू के ब्याहुला उत्सव में उमड़ी यह अपार भीड आस्था की उस शक्ति का प्रतीक बनी, जिसने हर आयु और हर प्रांत के भक्तों को एक सूत्र में बांध दिया।
जयकारों से गूंजता वातावरण, पुष्पवर्षा में नहाई बरात और भक्तों की चमकती आंखें इस पावन आयोजन को अविस्मरणीय बना गईं। बरसाना आज साक्षी बना उस अलौकिक क्षण का जहां भक्ति, परंपरा और उल्लास एक साथ जीवंत हो उठे। भजन गायक चित्र विचित्र, पूनम दीदी, सरस निकुंज महाराज, मस्तराम बाबा, भगवत बालक, मोहित अग्रवाल, भक्तिपद परिवार, नवीन कुमार जिंदल, कृष्ण चंद शास्त्री मौजूद रहे। |