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बेंगलुरु गैस रिसाव हादसा
संवाद सहयोगी, दाउदपुर/मांझी (सारण)। बेंगलुरु में गैस सिलेंडर से हुए दर्दनाक हादसे ने सारण जिले के मांझी प्रखंड के एक गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। इलाज के दौरान गुरुवार की सुबह झुलसे दूसरे युवक की भी मौत हो गई। मृतक की पहचान गुरदाहां खुर्द गांव निवासी अरबाज अली के पुत्र खलील मियां के रूप में हुई है। इससे पहले बुधवार (14 जनवरी) की देर शाम इसी हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मुजफ्फर अली ने दम तोड़ दिया था। दो युवकों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, स्वजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा छा गया।
नौ जनवरी को चाय बनाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, नौ जनवरी की सुबह बेंगलुरु में रहकर काम कर रहे एक ही गांव के पांच युवक अपने कमरे में चाय बना रहे थे। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक गैस का रिसाव होने लगा।
जब तक युवक कुछ समझ पाते, सिलेंडर में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि सभी युवक उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते कमरा धुएं और लपटों से घिर गया और वहां अफरातफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निकाला गया बाहर
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए सभी झुलसे युवकों को कमरे से बाहर निकाला।
इसके बाद घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। उस समय सभी युवकों की हालत गंभीर बताई जा रही थी, जिसके कारण उन्हें बड़े अस्पताल रेफर किया गया।
विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती, आईसीयू में चल रहा था इलाज
सभी घायलों को विक्टोरिया अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलुरु में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को आईसीयू में रखा।
प्रारंभिक जांच में ही दो युवकों की हालत अत्यंत नाजुक बताई गई थी। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने का प्रयास कर रही थी। कई दिनों तक दोनों युवक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे, लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं हो सका।
इलाज के दौरान दो युवकों ने तोड़ा दम
बुधवार देर शाम पहले मुजफ्फर अली की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गुरुवार की सुबह खलील मियां ने भी दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों युवकों के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस चुका था और संक्रमण तेजी से फैल रहा था।
शेष तीन युवक अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर लेकिन फिलहाल स्थिर बताई है और लगातार निगरानी में इलाज जारी है।
गांव में शोक की लहर, हर आंख नम
दो युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गुरदाहां खुर्द गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पीड़ित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
ग्रामीण शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। बताया जाता है कि सभी युवक बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेंगलुरु गए थे। एक पल की दुर्घटना ने उनकी जिंदगी छीन ली और पूरे गांव को गहरे दर्द में डुबो दिया। |
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