search

ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर आज हो सकती है सुनवाई, अपनी याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

cy520520 Yesterday 23:55 views 878
  

ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर \“सुप्रीम\“ सुनवाई।  



नीलू रंजन, नई दिल्ली। ईडी ने आईपैक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में बाधा डालने और जब्त दस्तावेजों को जबरन ले जाने के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग की है, जो नजीर बने और भविष्य में किसी भी राजनीति दल से जुड़ा कोई भी नेता सार्वजनिक रूप से कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत नहीं करे।

इसके साथ ही ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से छापा मारने गए अधिकारियों के साथ-साथ घोटाले के पीड़ित पश्चिम बंगाल की आम जनता के मूल अधिकारों की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।

माना जा रहा है कि ईडी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर गुरूवार को सुनवाई के मेंशन करेगी। रविवार को दाखिल अपनी याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाया है। ईडी के अनुसार मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृहमंत्री का कार्यभार संभाल रही ममता बनर्जी के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसमें वह बुरी तरह से विफल रहीं और खुद ही कानून की धज्जियां उड़ा दी।

ईडी के छापे के दौरान न सिर्फ वह डीजीपी, मुख्य सचिव, कोलकोता पुलिस आयुक्त और संयुक्त आयुक्त समेत सैंकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ छापे के स्थान पर पहुंच गईं और ईडी द्वारा जब्त किये जा रहे सभी सामानों को जबरन छीनकर अपने साथ ले गईं। ईडी अधिकारी का लैपटाप भी छिन लिया गया, जो दो घंटे बाद वापस किया गया।

ईडी भारतीय न्याय संहिता की गैरजमानती 17 धाराओं में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और सीबीआई जांच द्वारा जांच कराने की मांग की है। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छापा मारने गए अधिकारियों के भयमुक्त होकर काम करने और घोटाले में धन गंवाने वाले आम लोगों के न्याय पाने के मूल अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से उनके मूल अधिकारियों की रक्षा की गुहार लगाई है।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के बताया है कि केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में रूकावट डालने और जांच करने के लिए अधिकारियों को डराने, धमकाने का यह पहला मामला नहीं है। ममता बनर्जी पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है।

इस सिलसिले में ईडी ने कोलकोता पुलिस आयुक्त से पूछताछ के लिए सीबीआई अधिकारियों के जाने के समय ममता बनर्जी द्वारा उनके घर के बाहर धरने पर बैठने और अधिकारियों को अंदर नहीं जाने देने का हवाला दिया। इसके साथ ही ममता बनर्जी सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में जबरन घुसने का प्रयास किया था और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हिंसक प्रदर्शनों के बीच सीबीआई के संयुक्त निदेशक ने केंद्रीय अर्धसैनिक बल बुलाकर अपनी जान बचाई थी।

ईडी ने यह भी बताया कि अपनी एक मंत्री की जमानत की सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी पांच हजार समर्थकों के साथ कोर्ट में पहुंच गई थी। ईडी के अनुसार छापे स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी ममता बनर्जी व पुलिस ले गई क्योंकि उन्हें मालूम था कि इस मामले में FIR दर्ज हो सकती है और सीसीटीवी फुटेज उसमें अहम सबूत बन सकता है। इस तरह से सबूत को पहले ही नष्ट कर दिया गया।

यह भी पढ़ें- I-PAC मामले में हाईकोर्ट में TMC और ED वकीलों के बीच जोरदार बहस, ममता सरकार की अर्जी खारिज
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
147832

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com