फरीदाबाद के सरूरपुर में पति, पत्नी और बेटे की दम घुटने से मौत के मामले में नया मोड़ आया है। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सरूरपुर में एक कमरे के अंदर पति, पत्नी और उनके पांच साल के बेटे की लाश मिलने के मामले में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मृतक के भाई राजेश पर शक पैदा कर दिया है। बुधवार को डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम जांच में साफ किया कि तीनों की मौत दम घुटने से हुई और उनके फेफड़ों में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस मिली। इससे साफ पता चलता है कि परिवार कमरे में अंगीठी जलाकर सोया था।
राजेश, जो उसी कमरे में सो रहा था, उसे कुछ नहीं हुआ और उसने बार-बार पुलिस को बताया है कि उन्होंने रात में अंगीठी नहीं जलाई थी। उसने पुलिस को जोर देकर कहा था कि उन्होंने रविवार रात को कमरे में अंगीठी जलाई थी, लेकिन सोमवार को नहीं। जब फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तो अंगीठी ठंडी थी, जिससे पुलिस को लगा कि राजेश सच कह रहा है। सवाल यह उठता है कि राजेश के झूठ बोलने के पीछे क्या वजह हो सकती है।
मामले की तह तक जाने के लिए, पुलिस अब राजेश से पूछताछ करेगी ताकि यह पता चल सके कि कोई साजिश तो नहीं थी। राजेश ने पुलिस को बताया है कि वह सुबह छह बजे उठा था। उसके पैर में चोट लगी है। उसके मुताबिक, उसने पहले दवा लेने के लिए हलवा खाया, फिर दर्द की दवा ली और वापस सो गया।
पुलिस अब उसके बयान की सच्चाई की जांच करेगी। एक और सवाल यह उठता है कि अगर कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बनी थी, तो इसका असर चारों पर बराबर होना चाहिए था तो राजेश को कुछ क्यों नहीं हुआ? जांच अधिकारी कैलाश खटाना का कहना है कि हो सकता है कि राजेश के सो जाने के बाद रमेश और ममता ने अंगीठी जलाई हो। राजेश कमरे के दरवाजे के पास सो रहा था, जहां उसे लगातार ऑक्सीजन मिलती रही, इसलिए वह बच गया।
मृतक रमेश मजदूरी करता था, और उसकी पत्नी ममता गृहिणी थी। रमेश बिहार के बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के अवलाक यादव का डेरा का रहने वाला था। उनकी शादी को सात महीने हुए थे। यह ममता की दूसरी शादी थी, और छोटू उसके पहले पति का बेटा था। सोमवार रात को रमेश, ममता, छोटू और रमेश का भाई राजेश एक ही कमरे में सो रहे थे। मंगलवार दोपहर को रमेश, ममता और छोटू मृत पाए गए, लेकिन रमेश को कुछ नहीं हुआ था।
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