राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। धीमी ही सही, नए साल में पर्यटन को लेकर कुछ कामों पर शुरुआत होने जा रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक तरफ जहां दक्षिणी दिल्ली में गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज में सुंदरीकरण कार्य शुरू होगा, वही उत्तरी दिल्ली में माॅडल टाउन क्षेत्र की नैनी झील में भी सुधार कार्य किया जाएगा।
जानकारों की मानें तो दिल्ली सरकार ने शहर भर में प्रमुख स्थानों का सुंदरीकरण शुरू करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि इन स्थानों पर काम जमीन पर उतरने के बाद कुछ अन्य योजनाओंं पर भी काम शुरू हो सकता है।
जिसमें स्मारकों के आसपास सुविधाएं और बड़े जानकारी बोर्ड लगाने पर भी विचार कर रही है। जिस पर पर्यटकों को उस स्थान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के कायाकल्प की तैयारी
इस बीच, बड़े शहरव्यापी सुंदरीकरण अभियान के हिस्से के रूप में दिल्ली पर्यटन विभाग ने वास्तुकारों के एक पैनल को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की है। पैनल में शामिल वास्तुकार दिल्ली भर के स्मारकों की सुंदरीकरण परियाेजना की प्लानिंग, डिजाइन और उसे लागू करने की योजना में मदद करेंगे।
फिलहाल दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज में बागवानी और लैंडस्केपिंग के कामों के लिए 48.75 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया है। इसके लिए टेंडर जारी किया है, वहीं माॅडल टाउन में नैनी झील पर सरकार ने सुंदरीकरण परियोजना के तहत 14.75 लाख रुपये खर्च करेगीर।
गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज और नैनी झील पर खर्च तय
गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज में सुंदरीकरण योजना के तहत यह परियोजना बगीचे की सुंदरता को फिर से जीवंत करने और इसके हरे-भरे क्षेत्रों के रखरखाव में सुधार पर केंद्रित है। बागवानी योजना के तहत बड़े स्तर पर मौसमी और सजावटी वाले फूलों वाले पौधे लगाना शामिल है।
मिट्टी की तैयारी, जैविक खाद का उपयोग, कीटनाशक उपचार, छंटाई और रखरखाव की अवधि के दौरान अस्वस्थ या मृत पौधों को बदलना भी कार्यक्षेत्र का हिस्सा है। बगीचे में सभी रोपण और रखरखाव गतिविधियां स्वीकृत बागवानी विशिष्टताओं के अनुसार की जाएंगी, जिसमें गड्ढों की खुदाई, तैयार मिट्टी के मिश्रण से भरना, पानी देना और दीर्घकालिक रखरखाव शामिल है।
नैनी झील पर सफाई, फव्वारे और रोशनी की व्यवस्था
इसी तरह नैनी झील पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए जाएंगे। पुनर्विकास का उद्देश्य झील क्षेत्र की स्वच्छता, सुरक्षा और सार्वजनिक उपयोग में सुधार करना है, जहां स्थानीय निवासी अक्सर आते हैं।
नैनी झील पर कार्यों में जल निकाय की सफाई, मच्छरों के प्रजनन और मलेरिया को रोकने के उपाय, फव्वारे बनाना और संबंधित यांत्रिक और विद्युत उपकरणों की स्थापना शामिल होगी। अधिकारी ने कहा कि झील के आसपास दृश्यता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रकाश व्यवस्था और संबद्ध बुनियादी ढांचे जैसे विद्युत कार्य भी किए जाएंगे।
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