मकर संक्रांति 2026 पर क्या करें क्या नहीं (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) का पर्व भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक चेतना और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जब सूर्य देव धनु राशि का त्याग कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तो इसे अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का समय कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से देवताओं का दिन शुरू होता है और शुभ कार्यों पर लगी पाबंदियां हट जाती हैं।
इस पावन अवसर पर दान, स्नान और सूर्य उपासना का फल अन्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाता है। लेकिन, शास्त्रों में इस दिन के लिए कुछ कड़े नियम भी बताए गए हैं। अगर, आप अपनी सोई हुई किस्मत को जगाना चाहते हैं, तो पूजा-पाठ के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि इस दिन किन परंपराओं का पालन करना है और किन गलतियों से बचना है।
1. क्या करें (Do\“s)
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
सूर्य को अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, अक्षत और काले तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
खिचड़ी का सेवन: इस दिन चावल और मूंग की दाल की खिचड़ी का सेवन करना चाहिए। इससे कुंडली में शनि और सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
पूर्वजों का स्मरण: इस दिन पितरों के नाम पर तर्पण करने से घर में सुख-शांति आती है और पितृ दोष दूर होता है।
2. क्या न करें (Don\“ts)
तामसिक भोजन से दूरी: मकर संक्रांति के दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें।
वाणी पर नियंत्रण: इस दिन किसी को अपशब्द न कहें और न ही घर में झगड़ा करें। अपनी वाणी को मधुर बनाए रखें।
बिना स्नान भोजन: सुबह बिना स्नान किए और सूर्य देव की पूजा किए बिना कुछ भी न खाएं।
पेड़-पौधों को नुकसान: इस दिन हरियाली का अपमान न करें और न ही पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई करें।
3. क्या दान करें (Donation Guide)
इस दिन \“गुप्त दान\“ और \“अन्न दान\“ का सबसे अधिक महत्व है:
तिल और गुड़: काले तिल और गुड़ का दान करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
कंबल और गर्म कपड़े: सर्दी के मौसम में जरूरतमंदों को ऊनी कपड़े या कंबल दान करना महादान माना गया है।
खिचड़ी सामग्री: चावल, दाल, नमक और घी का सीधा (कच्चा भोजन) दान करना बेहद शुभ होता है।
गाय की सेवा: इस दिन गाय को हरा चारा खिलाने से पुण्य फलों में वृद्धि होती है।
4. प्रभावशाली मंत्र (Powerful Mantras)
पूजा के समय इन मंत्रों का जाप करें:
ॐ घृणि सूर्याय नमः (सूर्य देव की कृपा के लिए)
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (आत्मविश्वास और आरोग्य के लिए)
गायत्री मंत्र: “ॐ भूर्भुवः स्वः...“ का 108 बार जाप करें।
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