जागरण संवाददाता, रायबरेली। भोले भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उसमें साइबर ठगी का रुपये मंगाने वाले गिरोह के एक अन्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के दो आरोपितों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है, जबकि सरगना अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है। गिरोह के सरगना की तलाश में पुलिस जनपद समेत गैर प्रांतों की खाक छान रही है।
तीन अप्रैल 2025 को कहारों का अड्डा निवासी परवेज अहमद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर साइबर ठगों का शिकार होने की शिकायत की थी। परवेज ने आरोप लगाया था कि गल्ला मंडी के मिर्ची व्यापारी शादाब अली ने उसे बहला फुसलाकर अलग-अलग दो बैंकों में खाते खुलवाए। इन खातों को शादाब द्वारा ही संचालित किया जाने लगा। कुछ माह बाद उसे पता चला कि शादाब ने अपने नौकर तुषार सोनकर व मोनू के भी खाते खुलवाए हैं और उनका संचालन भी वही करता है।
इस पर उन्होंने बैंक जाकर खाते के लेन देने की जांच की तो पता चला कि शादाब द्वारा उन खातों में अपनी आइडी पर यूपीआइ कोड जारी कराकर करीब तीन करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। परवेज ने बताया कि इस पर उन्होंने तुषार से बात कर जब उसके खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें भी शादाब द्वारा अपनी यूपीआइ जारी कराकर तीन करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन मिला।
रुपयों के लेन-देन के आइएफएससी कोड से पता चला कि रुपयों का लेन देन मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र्र, कर्नाटक, केरल, अहमदाबाद तक किया गया है। परवेज की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले में पुलिस ने कोतवाली नगर के गुलाब रोड निवासी तुषार सोनकर को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि इसके पूर्व दो आरोपितों कचहरी रोड निवासी राज सिंह व हरचंदपुर के मलिकपुर बरना निवासी शुधांशु को जेल भेजा गया था।
साइबर थानाध्यक्ष अजय सिंह तोमर का कहना है कि आरोपित तुषार सोनकर को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरगना समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। |