बक्सर के इटाढ़ी स्थित खेत में चल रहा काम। जागरण
जागरण संवाददाता, बक्सर। Oil Exploration: इटाढ़ी प्रखंड के बसाव खुर्द गांव में खनिज तेल की खोज को लेकर बड़े पैमाने पर सर्वे कार्य चल रहा है।
गांव के विभिन्न खेतों में करीब 15 स्थानों पर लगभग 100 फीट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढों में सेंसर डाले जाएंगे, जिनके माध्यम से भूगर्भीय जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि जमीन के नीचे खनिज तेल मौजूद है या नहीं। इस कार्य को ऑयल इंडिया कंपनी द्वारा कराया जा रहा है।
हालांकि, खेतों में खुदाई किए जाने से किसानों के गेहूं के पौधे को नुकसान पहुंच रहा है। गड्ढा खोदने के कारण कई जगहों पर गेहूं के पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जिससे किसान खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
पुरुषोत्तम ओझा, बिनोद ओझा, ललन ओझा सहित अन्य किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बिना कटाई के ही गड्ढे खोद दिए गए, जिससे फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं उनकी प्रमुख फसल है और इसी पर उनकी आजीविका निर्भर करती है।
इधर, इस कार्य में लगी कंपनी ऑयल इंडिया के प्रतिनिधियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि फसल क्षति की भरपाई की जाएगी।
कंपनी की ओर से बताया गया कि गेहूं के पौधों के नुकसान के एवज में किसानों को निर्धारित मुआवजा राशि दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि जांच में खनिज तेल की उपलब्धता की पुष्टि होती है, तो सरकार खेत मालिकों से अनुबंध करेगी।
इस अनुबंध के तहत किसानों को भी उचित मुआवजा और लाभ देने की योजना है। फिलहाल किसान मुआवजे की प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाओं को लेकर उम्मीद और चिंता दोनों के बीच हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि सर्वे कार्य के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। |