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एसबीआई अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 9.83 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने फ्रीज करवाया खाता

deltin33 2026-1-13 11:57:13 views 737
  



एसबीआई अधिकारी बनकर हल्द्वानी के बुजुर्ग से 9.83 लाख की साइबर ठगी

एपीके फाइल करवाई गई डाउनलोड, जालसाजी कर चार बार में उड़ा दिए लाखों


जागरण संवाददाता, नैनीताल। साइबर अपराधियों ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को झांसे में लिया और उनके खाते से नौ लाख 83 हजार रुपये उड़ा लिए। ठगों ने पीड़ित के फोन पर एपीके फाइल डाउनलोड करवाई। फिर जालसाजी कर खाते से चार बार ट्रांजैक्शन कर लाखों रुपए उड़ा‌ लिए।

बड़ी मुखानी जज फार्म निवासी पीड़ित के अनुसार ठगी की यह घटना 27 दिसंबर 2025 की है, जिसमें ठगों ने मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर पीड़ित के फोन का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर लिया। पीड़ित ने इस ठगी की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रेंज, रुद्रपुर में की। जहां जीरो एफआईआर दर्ज की गई।

कहा कि उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात काल आया। काल करने वाले ने खुद को एसबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका “लाइफ सर्टिफिकेट” अपडेट नहीं हुआ है। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी और उसे खोलने को कहा।

फाइल खोलते ही पीड़ित से नाम, बैंक खाता संख्या, एटीएम कार्ड की अंतिम छह अंक और एक्सपायरी डेट जैसी संवेदनशील जानकारियां भरवाई गईं। कुछ ही देर में बैंक से ओटीपी आने लगे और ठग ने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 9,83,000 रुपये निकाल लिए गए। इसमें पीड़ित की 7,01,027 रुपये की एफडी की रकम भी शामिल थी।

इतना ही नहीं, ठगों ने कंप्यूटर संसाधनों का इस्तेमाल कर पीड़ित के फोन काल्स को दूसरे नंबर पर फारवर्ड कर दिया, जिससे उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में पीड़ित ने यह सेटिंग हटाई।

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने एसबीआई कस्टमर केयर से संपर्क किया, जिसके बाद उनका बैंक खाता फ्रीज किया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इधर, मामला हल्द्वानी कोतवाली में ट्रांसफर किया तो यहां अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर ली गई है।
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