संवाद सहयोगी, मानिकपुर। जिले के मानिकपुर क्षेत्र में पागल कुत्ते का आतंक देखने को मिला। सरैया, हनुवा सहित आसपास के इलाकों में दो दिनों तक एक पागल कुत्ते ने करीब 23 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में कराया गया। उप जिलाधिकारी मानिकपुर मो. जसीम ने पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के साथ रेस्क्यू कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में ग्रामीणों ने कुत्ते को घेरकर मार डाला।
पागल कुत्ते ने रविवार व सोमवार के दरम्यान मानिकपुर कस्बे के 47 वर्षीय कृष्णा व 30 वर्षीय बिजिया को सबसे पहले काटा। इसके बाद वह सरैंया की ओर भाग कर गया। सरैंया गांव में 38 वर्षीय ऊषा, 12 वर्षीय रानी, 17 वर्षीय रानू, पांच वर्षीय तनू, 60 वर्षीय कजरी, 50 वर्षीय अक्षय निवासी देवकली, 52 वर्षीय संतोष, 32 वर्षीय रघुवर लाल, 35 वर्षीय मातादीन निवासी हनुवा को काट लिया। इन सभी ने सीएचसी मानिकपुर में अपना इलाज कराया है।
पागल कुत्ते की तलाश में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
इसी तरह सरैंया के ही रहने वाले 40 वर्षीय जय देवी, 25 वर्षीय तीरथ, 60 वर्षीय रजनिया व 60 वर्षीय कुवरिया को कुत्ते ने काटा। कई लोगों ने जिला अस्पताल में भी पहुंचकर इलाज कराया। एसडीएम मो. जसीम, प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव, रानीपुर रिजर्व टाइगर प्रथम के क्षेत्रीय वनाधिकारी राजेश सोनकर टीम के साथ पहुंचे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से पागल कुत्ते की तलाश में रेस्क्यू आपरेशन चलाया।
टीम ने विनय नगर काली घाटी,मंडी, जल संस्थान व सरैया के आसपास तलाश की, लेकिन पागल कुत्ता नहीं मिला। अपरान्ह करीब तीन बजे सेमरदहा गांव के मजरा गडरिया पुरवा के पास ग्रामीणों ने पागल कुत्ता को घेरकर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीएम लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाएं और किसी भी संदिग्ध पशु की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। |