मृतक दीपक।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कहा जाता है कि पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता है, लेकिन इस दौड़ती भागती जिंदगी में लोगों की मानवीय संवेदनाएं लगभग समाप्त सी होती जा रही हैं। ज्यादातर यह हालात मेट्राे सिटी में हैं। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की एक हाईराइज सोसायटी में सामने आया है।
एक बुजुर्ग की मौत के बाद 12 दिन तक उसका शव घर में ही पड़ा रहा, लेकिन किसी ने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि आखिर उनका दरवाजा 12 दिन से क्यों नहीं खुल रहा है? उनका मोबाइल बंद हो गया? बुजुर्ग की बहन को शक तब हुआ, जब उसने भाई को कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
इसके बाद उन्होंने अपने भाई दीपक के दोस्तों एवं साथ काम करने वाले लोगों से संपर्क किया। इनमें से एक दोस्त ने दीपक के आवास पर जाकर आसपास पूछताछ की तो पता चला कि उनके मकान में अंदर से ताला लगा हुआ है। इसकी सूचना मिलने पर 11 जनवरी को मृतक बुजुर्ग के जीजा किशोर कुमार और बहन रीना सोसायटी में पहुंचे।
सोसायटी की एओए के पदाधिकारियों के सहयोग से नंदग्राम को पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाकर देखा तो अंदर दीपक मृत अवस्था में पड़े हुए मिले। शव से दुर्गंध आ रही थी। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को दीपक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दिल्ली के मालवीय नगर में रहने वाले किशोर कुमार ने बताया कि दीपक कुमार ने शादी नहीं की थी। वह किराये पर ब्रेव हाइट सोसायटी में रहते थे। बारात घर की बुकिंग के लिए वह वैशाली में मैनेजर की पोस्ट पर नौकरी करते थे। हार्ट की समस्या थी और इलाज भी चल रहा था। इतना ही नहीं पड़ोसियों ने भी यह सोचना मुनासिब नहीं समझा की आखिर यह मकान इतने दिनों से क्यों नहीं खुल रहा है।
बाद में शव में दुर्गंध आने के बाद मकान का दरवाजा तोड़ा गया और बुजुर्ग के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिये मोर्चरी भेजा गया। इसके अलावा नंदग्राम थाना क्षेत्र स्थित राजनगर एक्सटेंशन की एससीसी हाइट सोसायटी में रहने वाले 68 वर्षीय सुभाष चंद को मृतावस्था में लेकर उनके बेटे नीरज कुमार संयुक्त अस्पताल में पहुंचे।
बिना पोस्टमार्टम कराये ही शव को स्वजन घर लेकर चले गये। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सिहानी गेट थाना क्षेत्र के पटेलनगर की रहने वाली 62 वर्षीय महिला अमरजीत कौर को उनके पति इंदरजीत सिंह मृतावस्था लेकर संयुक्त अस्पताल में पहुंचे। बिना पोस्टमार्टम कराये शव को घर ले गये।
पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर नंदग्राम थाने से पुलिस टीम गई थी। किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश करने पर दीपक कुमार मृत पाए गए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उससे मौत किस दिन हुई इसका पता चलेगा।
-उपासना पांडेय, एसीपी नंदग्राम
ब्रेव हार्ट्स सोसायटी में प्रतिदिन सुरक्षा गार्ड्स पूछेंगे बुजुर्गों के हालचाल
राजनगर एक्सटेंशन स्थित ब्रेव हार्ट्स सोसायटी में हाल ही में एक अकेले रह रहे निवासी की हुई मौत के बाद अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) ने सुरक्षा को लेकर एक पहल शुरू की है। एओए अध्यक्ष लवीश त्यागी ने बताया कि एओए द्वारा तय किया गया है कि सभी फ्लैट्स का विस्तृत सत्यापन किया जाएगा, जिसमें मालिक, किराएदार और अकेले रहने वालों का विवरण अपडेट होगा।
अकेले बुजुर्गों और सिंगल निवासियों की अलग सूची बनाई जाएगी। सुरक्षा गार्ड्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन ऐसे निवासियों का हालचाल लें। साथ ही, उनके परिजनों के आपातकालीन संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे।
ऑपरेशन सवेरा में 2.55 लाख बुजुर्ग जुड़े
जनपद में पुलिस के संपर्क में अकेले रह रहे 2.55 लाख बुजुर्ग हैं। बीट पुलिस अधिकारी नियमित रुप से बुजुर्गों के संपर्क में रहते हैँ। महीने में एक बार बीपीओ को संपर्क करने का निर्देश है।
प्रत्येक थाना स्तर पर अकेले रह रहे बुजुर्गों की आइडी बनी हुई है। मौजूदा समय में भी आपरेशन सवेरा के तहत बुजुर्गों का आंकड़ा लगातार जुटाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस अपना डाटा भी अपडेट कर रही है।
यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में 6 साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या, सौतेली मां ने पीट-पीटकर मार डाला |