चुनाव आयोग।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने गोवा में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआइआर के तहत पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) को भेजे गए नोटिस को लेकर सोमवार को स्थिति साफ की है। आयोग ने कहा कि उनके फार्म में पिछली एसआइआर से जुड़ी जरूरी जानकारियां नहीं भरी गई थीं।
चुनाव आयोग ने अरुण प्रकाश को पहचान सत्यापन के लिए बैठक में बुलाने का नोटिस भेजा था। वह सेवानिवृत्त के बाद से गोवा में रह रहे हैं। इस नोटिस को लेकर इंटरनेट मीडिया पर कई लोगों ने चिंता जताई थी। खासतौर पर इसलिए क्योंकि 81 वर्षीय अरुण प्रकाश 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपनी भूमिका के लिए वीर चक्र से सम्मानित रह चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अरुण प्रकाश का फार्म विधिवत भर दिया गया है और पूर्व नौसेना प्रमुख को अब उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।सोमवार को जारी बयान में कार्टालिम विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी डॉ. मेडोरा एरमोमिला डीकोस्टा ने कहा कि एसआइआर के दौरान बूथ लेवल अधिकारी ने अरुण प्रकाश से संबंधित फार्म एकत्र किया था।
उन्होंने बताया कि इस फार्म में पिछली एसआइआर से जुड़ी अनिवार्य जानकारियां नहीं थीं। इनमें मतदाता का नाम, पहचान पत्र संख्या, संबंधित का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर, भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या शामिल नहीं थे।
डीकोस्टा ने कहा कि इन जरूरी जानकारियों के अभाव में बूथ लेवल अधिकारी द्वारा जमा किए गए गणना फार्म को मौजूदा मतदाता सूची के डाटाबेस से अपने आप नहीं जोड़ पाई। बयान में कहा गया कि पिछली एसआइआर से जुड़े सभी कालम खाली छोड़े गए थे। इसी कारण यह फार्म सिस्टम की अनमैप्ड कैटेगरी में चला गया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |