जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी भी हो सकते हैं शामिल। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा और उत्तराखंड के कांग्रेस जिलाध्यक्षों का विशेष प्रशिक्षण शिविर मंगलवार से धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आरंभ होने जा रहा है। 13 से 22 जनवरी तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस जिलाध्यक्षों को संगठन की मजबूती, चुनाव लड़ने के तरीके और सत्तारूढ़ भाजपा की कथित जनविरोधी नीतियों के विरोध की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस प्रशिक्षण शिविर की खास बात यह होगी कि कोई भी जिलाध्यक्ष और प्रदेश स्तरीय नेता यहां से बाहर नहीं जा सकेगा। उसे पूरे 10 दिन प्रशिक्षण शिविर में रहना होगा। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी के नाते बीके हरिप्रसाद और उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी के नाते कुमारी सैलजा पूरे समय इस प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस के इस प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा के 33 और उत्तराखंड कांग्रेस के 27 जिलाध्यक्षों के साथ दोनों राज्यों के प्रभारी, सह प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी भागीदारी करेंगे। केंद्र के नेताओं के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति की इंट्री पर शिविर में पूरी तरह से रोक रहेगी।
हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह का मानना है कि इससे प्रतिभागियों का पूरा फोकस प्रशिक्षण, रणनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर रहेगा।
प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद के अलावा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल व प्रफुल्ल गुडधे, उत्तराखंड की कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोडियाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता यशपाल आर्य तथा सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव भागीदारी करेंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भी एक दिन शिविर में आने का कार्यक्रम है, लेकिन अभी तक इसकी तारीख तय नहीं हुई है। बताया जाता है कि राहुल गांधी शिविर में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक आ सकते हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों के इस प्रशिक्षण शिविर को कांग्रेस की संगठन सृजन टीम संचालित करेगी। टीम का नेतृत्व सचिन राव कर रहे हैं। उनके साथ पूरी टीम कुरुक्षेत्र आएगी। यही टीम प्रशिक्षण सत्र, फील्ड विजिट और संवाद कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रही है।
शिविर सिर्फ क्लासरूम ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगा। 13 से 22 जनवरी के बीच जिलाध्यक्ष अलग-अलग विधानसभाओं के 12 गांवों का दौरा करेंगे। इन गांवों में मनरेगा मजदूरों की समस्याएं सुनने, उनसे सीधा संवाद करने और उनकी शिकायतों का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाएगा।
पार्टी का फोकस है कि जिलाध्यक्ष सिर्फ भाषण देने वाले नेता न बनें, बल्कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से उठाने वाले संगठनात्मक कार्यकर्ता भी बनें।
हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के अनुसार जिलाध्यक्षों को यह सिखाया जाएगा कि कांग्रेस सरकारों की उपलब्धियों को जनता तक किस तरह प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। इसके साथ ही केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की जनविरोधी नीतियों, बेरोजगारी, महंगाई, मनरेगा, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को उजागर करने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
जिलाध्यक्षों को यह भी बताया जाएगा कि संगठन में अपनी जिम्मेदारी कैसे निभानी है और बूथ से लेकर जिला स्तर तक पार्टी को कैसे मजबूत किया जाना है।
शिविर के दौरान तीन दिन का विशेष सफाई अभियान भी आयोजित किया जाएगा। इसके जरिये कांग्रेस सामाजिक सरोकार और जनभागीदारी का संदेश देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का अभ्यास कराएगी। इससे पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के लिए इसी तरह का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा चुका है। कांग्रेस के अधिकतर जिलाध्यक्ष शिविर के लिए कुरुक्षेत्र पहुंच चुके हैं। |
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