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क्या है राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हर साल 12 जनवरी का दिन ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा के नाम होता है। इस दिन हम राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day 202) मनाते हैं। यह केवल एक कैलेंडर तारीख नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का एक अवसर है।
दरअसल, 12 जनवरी 1863 को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। आइए जानें इस दिन को मनाने का उद्देश्य क्या है और इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई थी।
क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस?
युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं की सोच और उनकी कार्यक्षमता पर निर्भर करती है। स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनका मानना था कि युवा शक्ति ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
उनके इसी विजन को सम्मान देने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने उनके जन्मदिन को \“राष्ट्रीय युवा दिवस\“ के रूप में घोषित किया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को विवेकानंद के आदर्शों पर चलने के लिए प्रोत्साहित करना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है।
(Picture Courtesy: Freepik)
इसका गौरवशाली इतिहास
राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की शुरुआत 1984 में हुई थी। भारत सरकार ने महसूस किया कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन और उनके आदर्श भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हो सकते हैं। इसलिए साल 1984 में भारत सरकार द्वारा निर्णय लिया गया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। राष्ट्रीय युवा दिवस का सबसे पहला आयोजन 12 जनवरी 1985 को किया गया।
इस दिन का महत्व क्या है?
स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में भारत और अध्यात्म का परचम लहराया था। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 19वीं सदी में थे।
राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम
हर साल इस दिवस को एक खास थीम के साथ मनाया जाता है, जो वर्तमान समय की चुनौतियों और युवाओं की भूमिका को दर्शाता है।
वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की थीम युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर आधारित है। यह थीम युवाओं के नवाचार और कौशल को विकसित करने पर जोर दे रहा है, ताकि भारत एक विकसित देश बन सके।
आज के संदर्भ में स्वामी जी के विचार
स्वामी विवेकानंद का अध्यात्म और आधुनिकता का मेल आज की पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। वे कहते थे कि युवाओं के पास “लोहे की मांसपेशियां और फौलाद की नसें“ होनी चाहिए। उनके विचार हमें सिखाते हैं-
- आत्मविश्वास- स्वयं पर विश्वास करना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
- एकाग्रता- अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होना।
- चरित्र निर्माण- केवल शिक्षा ही काफी नहीं, अच्छे चरित्र का होना भी जरूरी है।
- सेवा भावना- दूसरों की मदद करना ही वास्तविक जीवन है।
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