search

देहरादून से 18 करोड़ मिलने पर ही सुधरेगी हल्द्वानी की 47 बदहाल सड़कें, बदहाली से लोग परेशान

deltin33 Yesterday 09:56 views 499
  

नगर निगम की ओर से तकनीकी समिति से मुहर के बाद भेजा गया प्रस्ताव। जागरण  



जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। सड़क की खराबी की वजह से हादसे में किसी के जान गंवाने के बाद अक्सर बड़े अधिकारी निरीक्षण और बैठक में यह निर्देश देते हुए दिखते हैं कि जल्द से जल्द सड़कों का हाल ठीक होना चाहिए। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी की जाएगी। लेकिन एक हकीकत यह है कि गड्ढे भरान हो या सड़कों का नए सिरे से निर्माण। इसके लिए चाहिए पैसे।

बजट न होने पर दिखावे के लिए दो-चार उखड़ी सड़कों पर डामर या कुछ गड्ढों पर बजरी-मिट्टी भरान से ज्यादा कुछ नहीं हो सकता। दूसरी तरफ साठ वार्डों वाले नगर निगम के हाल पर नजर डाले तो उसकी 47 सड़कें बदहाल पड़ी है। जिनकी मरम्मत के लिए शहरी विकास निदेशालय से 18 करोड़ की मांग की गई है। अब देखना यह है कि बजट कब तक मिलता है?

साठ वार्डों वाले नगर निगम की आबादी करीब साढ़े चार लाख है। वार्डों से जुड़ी आंतरिक सड़कों की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। लेकिन अक्सर आबादी क्षेत्रों में सड़कों का हाल ठीक नहीं मिलता। जिसके बाद नगर निगम ने 47 सड़कों के सुधारीकरण को लेकर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।

निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। निर्माण विंग के अनुसार प्रस्ताव में वार्ड 45 में सरस्वती विहार, वार्ड 53 में कांता बैंक्वेट हाल, वार्ड 43 में शिवा इंक्लेव, वार्ड 47 में कृष्णा विहार, वार्ड 40 में हिम्मतपुर मल्ला के पास की सड़क, वार्ड 40 में कृष्ण इंक्लेव समेत अन्य मार्गों को शामिल किया गया है। जिला स्तर पर तकनीकी समिति से भी प्रस्ताव पास कराए गए हैं।

यह भी पढ़ें- हल्द्वानी में बाइक चोरों का आतंक, घर के बाहर खड़ी दो बाइकें उड़ाईं



सात हजार सड़कों की लंबाई 928 किमी, लोग तीन
गली-मोहल्ले के अलावा अन्य छोटे-छोटे मार्ग मिलाकर निगम की सड़कों की संख्या करीब सात हजार बैठती है। जिनकी कुल लंबाई 928 किमी है। लेकिन निगरानी सिस्टम मजबूत नहीं है। नियमित इंजीनियरों के तौर पर एक एई और एक जेई ही है। जबकि तीसरा इंजीनियर सप्ताह में तीन दिन ही आता है। इनकी नियमित नियुक्ति दूसरे विभाग में है।



  • शहर के कई हिस्सों में सड़कों की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल्द मरम्मत होनी चाहिए।-रवि जोशी, पार्षद
  • बनभूलपुरा में लाइन नंबर आठ, 12 और 17 मुख्य मार्गों में गिने जाते हैं। लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद टूटी सड़कें ठीक नहीं की गई।-मो. गुफरान पार्षद
  • निगम की ओर से सड़कों को बेहतर करने के लिए शासन से 18 करोड़ की मांग की गई है। बजट मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।-पारितोष वर्मा, नगर आयुक्त



बदहाल सड़क ले चुकी किशोर की जान
गड्ढों और टूटी सड़कों की वजह से अक्सर लोग चोटिल होते रहते हैं। पांच जनवरी को मुखानी चौराहे से कालटैक्स रोड पर बड़ा हादसा भी हुआ था। जिसमें 13 साल के अर्जुन की मौत हो गई। दरअसल, गड्ढे से बचने के चक्कर में बाइक चला रहे बड़े भाई ने बाइक दूसरी तरफ मोड़ी तो पीछे बैठा अर्जुन सड़क पर छिंटकने के बाद बड़े वाहन की चपेट में आ गया था।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
460137

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com