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रांची से कोलकाता जाना होगा और भी आसान, दो ट्रेनों में बढ़ाए गए स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच

Chikheang 2026-1-11 09:26:58 views 737
  

दो जोड़ी प्रमुख इंटरसिटी ट्रेनों में कोचों की संख्या को स्थायी रूप से बढ़ाने का निर्णय।



जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ और सीटों की भारी मांग को देखते हुए रांची रेल मंडल ने अपनी दो जोड़ी प्रमुख इंटरसिटी ट्रेनों में कोचों की संख्या को स्थायी रूप से बढ़ाने का निर्णय लिया है।  

दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था जनवरी के मध्य से लागू कर दी जाएगी, जिससे यात्रियों को न केवल कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी, बल्कि उनका सफर भी अधिक आरामदायक हो सकेगा।
18628/18627 रांची–हावड़ा–रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस

इस ट्रेन में यात्रा करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा बदलाव इसके कोचों की कुल संख्या में किया गया है। अब यह ट्रेन अपने पुराने स्वरूप के बजाय एक अतिरिक्त कोच के साथ पटरी पर उतरेगी।

कब से लागू होगा: रांची से चलने वाली ट्रेन (18628) में यह सुविधा 12 जनवरी से उपलब्ध होगी, जबकि हावड़ा से वापसी की ट्रेन (18627) में 13 जनवरी 2026 से अतिरिक्त कोच जुड़ेगा।

नया कोच स्वरूप: 18 कोचों के स्थान पर अब यह ट्रेन 19 कोचों के साथ चलेगी। इसमें एक वातानुकूलित चेयर कार कोच स्थायी रूप से जोड़ा गया है।

कोचों का विवरण: संशोधित व्यवस्था के बाद ट्रेन में सात सामान्य श्रेणी के चेयर कार कोच, पांच सामान्य श्रेणी के कोच (एक आरक्षित), दो वातानुकूलित चेयर कार कोच, दो वातानुकूलित 3-टियर कोच और एक वातानुकूलित 3-टियर इकॉनमी कोच शामिल होंगे। इसके अलावा ट्रेन में एक जनरेटर यान और एक एसएलआरडी कोच भी लगा रहेगा।
22892/22891 रांची–हावड़ा–रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस

इसी तरह रांची और हावड़ा के बीच चलने वाली दूसरी महत्वपूर्ण इंटरसिटी ट्रेन में भी क्षमता विस्तार किया गया है। इस ट्रेन में कोचों की बढ़ोतरी 14 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। मकर संक्रांति के अवसर पर इस बदलाव के लागू होने से घर जाने वाले यात्रियों को खासी राहत मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों को क्या होगा लाभ?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रांची-हावड़ा मार्ग पर चलने वाली इंटरसिटी ट्रेनों में अक्सर वेटिंग लिस्ट लंबी रहती है। कोचों की संख्या बढ़ने से आरक्षण के स्तर पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से वातानुकूलित श्रेणी में सीटों की उपलब्धता बढ़ने से मध्यम वर्ग के यात्रियों का सफर सुगम होगा।

रेलवे का यह कदम त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में होने वाली अफरा-तफरी को कम करने में भी मददगार साबित होगा। अब यात्री अधिक सीटों के विकल्प के साथ अपनी यात्रा की योजना पहले से बेहतर तरीके से बना सकेंगे।
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