बुक फेयर। आर्काइाव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपको लगता है कि वर्ल्ड बुक फेयर इस बार भी हर साल जैसा ही होगा, तो आप गलत हैं। 53वां वर्ल्ड बुक फेयर सिर्फ किताबों का मेला नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बनने जा रहा है, जिसे शायद आप जिंदगी भर न भूलें।
सबसे बड़ी बात है कि पहली बार इस वर्ष बुक फेयर में एंट्री बिल्कुल मुफ्त है। 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में लगने वाला यह मेला इस बार हर उम्र, हर रुचि और हर वर्ग के पाठकों के लिए कुछ न कुछ नया लेकर आया है।
1. पहली बार: बिना टिकट, बिना रोक-टोक
इस बार मेला ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि पहली बार प्रवेश पूरी तरह फ्री है। कोई टिकट नहीं, कोई शुल्क नहीं। मतलब आप बार-बार आ सकते हैं, परिवार और दोस्तों को भी साथ ला सकते हैं।
2. दुनिया भर की किताबें, एक ही छत के नीचे
- 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशकों की किताबें होंगी।
- 600 से ज्यादा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
- करीब 1,000 लेखकों, विचारकों और वक्ताओं को लाइव सुन सकेंगे।
- इस बार का आयोजन किसी बुक फेस्टिवल की तरह किया जा रहा है।
3. देश की सैन्य गाथा- किताबों से आगे का अनुभव
इस बार की थीम पवेलियन है: “Indian Military History: Valour & Wisdom @75” यहां आपको मिलेंगी-:
- 500 से अधिक सैन्य इतिहास की किताबें।
- अर्जुन टैंक, INS विक्रांत और LCA तेजस के असली साइज के मॉडल।
- परमवीर चक्र विजेताओं पर विशेष प्रदर्शनी।
- सैनिकों, रक्षा लेखकों और विशेषज्ञों के साथ लाइव टॉक्स।
यह हिस्सा खास तौर पर युवाओं और देशभक्ति से जुड़े पाठकों को बेहद पसंद आएगा।
4. Authors’ Lounge में लेखकों से सीधे मिलने का मौका
- इस बार मेला सिर्फ किताब खरीदने तक सीमित नहीं।
- Authors’ Lounge में लेखक आपस में जुड़ेंगे।
- नए लेखक यहां मेंटरशिप लेंगे।
- पाठकों को मिलेगा लेखकों से सीधे संवाद का मौका।
5. PM-YUVA 3.0 में 22 भारतीय भाषाओं के नए लेखक
अगर आप खुद लेखक बनना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए है। PM-YUVA 3.0 प्रोग्राम के जरिये 22 भारतीय भाषाओं में युवा लेखकों को गाइडेंस और पब्लिशिंग सपोर्ट मिलेगा।
6. Rashtriya e-Pustakalaya में 6,000+ मुफ्त ई-बुक्स
- इस बार मेला डिजिटल भी है।
- राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय को जान सकेंगे।
- 6,000 से ज्यादा फ्री ई-बुक्स पढ़ने और डाउनलोड करने का मौका।
7. Children’s Pavilion में होगी बच्चों की दुनिया
- कहानी सुनाने के सत्र आयोजित होंगे।
- थिएटर और आर्ट-क्राफ्ट का मेला होगा।
- क्विज, वैदिक मैथ्स का हिस्सा बन सकेंगे।
- बुक डिजाइनिंग के बारे में जान सकेंगे।
- बच्चों के लेखकों से मुलाकात होगी।
यानि बच्चों को मोबाइल से हटाकर किताबों से जोड़ने का शानदार तरीका।
8. हर शाम संस्कृति का रंग
बुक फेयर की शाम होंगी और भी खास
- Ricky Kej
- मंगनियार्स
- रेख्ता फाउंडेशन के शायर
- सेना, नौसेना और वायुसेना के बैंड
- पराशर बैंड
- हर शाम किताबों के साथ संगीत और संस्कृति का तड़का।
9. मिलने वाले खास चेहरे
इस बार आप पीयूष मिश्रा, हंसा योगेंद्र, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, दुर्जॉय दत्ता, कैलाश सत्यार्थी, ल्यूक कूटिन्हो समेत कई बड़े नामों से मिल सकेंगे।
क्या अब भी आपके मन में सवाल है कि क्यों जाएं? इस बार बुक फेयर का हिस्सा बनिए, क्योंकि यह बुक फेयर
- फ्री है।
- इंटरनेशनल है।
- टेक्नोलॉजी, किताब, संस्कृति का मेल है।
- बच्चों से लेकर लेखकों तक सबके लिए कुछ न कुछ खास है।
10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में किताबों की दुनिया आपका इंतजार कर रही है।
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