LHC0088 • 2026-1-9 07:56:20 • views 1133
बर्फ की चादर में लिपटा झारखंड का मिनी लंदन
जागरण संवाददाता, मैक्लुस्कीगंज। झारखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और मिनी लंदन के नाम से मशहूर मैक्लुस्कीगंज में गुरुवार को रिकॉर्ड तोड़ ठंड दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरने से पूरा इलाका शीतलहर की गिरफ्त में आ गया।
पारा शून्य से नीचे जाते ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोग दिनभर ठिठुरने को मजबूर रहे। भीषण ठंड के कारण मैक्लुस्कीगंज का जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया। सुबह होते ही पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। पेड़-पौधों, खलिहानों, पुआल, खेतों और खुले मैदानों पर जमी बर्फ ने इलाके को पहाड़ी क्षेत्र जैसा दृश्य प्रदान किया।
बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा
कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे। आमतौर पर चहल-पहल से भरे बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।रिकॉर्ड ठंड का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों पर पड़ा है।
कामकाज ठप पड़ने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। विरहोर कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में लोग अलाव के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। अत्यधिक ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही
लगातार गिरते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। सर्दी, बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ से पीड़ित लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दिन चढ़ने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हो रहा, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।रिकॉर्ड ठंड ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने अलाव की व्यवस्था, कंबल वितरण और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शीतलहर का यह प्रकोप फिलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे मैक्लुस्कीगंज में ठंड अब आफत बन चुकी है । |
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