इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, दरभंगा। दरभंगा में शराब धंधेबाजों पर नकेल लगाने के लिए लगातार थानाध्यक्ष को निर्देश दिया जा रहा है। धंधेबाजों का नाम, पता और आपराधिक इतिहास को गुंडा पंजी में अंकित कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखने का आदेश है। लेकिन, इसका अनुपालन नहीं हो रहा है।
इससे धंधेबाज बेखौफ शराब-गांजा, नशे की दवा ही नहीं बेच रहे, बल्कि इसके विवाद में हत्या भी कर रहे हैं। एक जनवरी को सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक निवासी बादल कुमार और चुन्नू महतो उर्फ मन्ना की हत्या कर अलग-अलग जगहों पर ठिकाना लगा दिया।
सबसे पहले चुन्नू का शव बहादुरपुर थानाक्षेत्र के पोखरसामा गांव स्थित निर्माणाधीन आमस सिक्स लेन सड़क के किनारे सरसों की फसल लगी खेत से तो एक दिन बाद बादल का शव मिल्कीचक के एक बगीचा से गड्ढा खोदकर निकाला गया।
इस मामले में जब बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भैरोपट्टी निवासी छोटू कुमार यादव की गिरफ्तारी हुई तो सारा मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने नशीली पदार्थ की तस्करी में हुए लेने-देन के विवाद को लेकर दोहरे हत्या होने की बात कही। पुलिस ने छोटू की निशानदेही पर मिल्कीचक बाजितपुर निवासी नवरत्न कुमार महतो को भी गिरफ्तार किया है।
हालांकि, मुख्य आरोपित सहित छह धंधेबाज अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इसमें बेला याकूब निवासी रितिक शर्मा फायरिंग सहित कई मामलों का आरोपित है। जेल भी जा चुका है। बावजूद, उसके गतिविधि पर पुलिस की नजर नहीं थी। परिणाम, रितिक शर्मा एक गिरोह बनाकर बड़े पैमाने पर शराब, गांजा, नशीली दवा की बिक्री और तस्करी करने लगा। इसकी जानकारी पुलिस को तब मिली जब दो लोगों की हत्या हो गई।
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि शेष आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी है। बहुत जल्द सभी पुलिस गिरफ्त में होगा। सभी थानाध्यक्षों को बदमाशों और शराब धंधेबाजों के नाम, पता और आपराधिक इतिहास को गुंडा पंजी में अंकित करने का निर्देश दिया गया है। ताकि, उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए। |
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