जागरण संवाददाता, पीलीभीत। दहेज की मांग को लेकर गर्भवती पत्नी की हत्या करने के आरोपित पति को जनपद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दोषी पाते हुए 10 वर्ष की सजा से दंडित किया। साथ ही सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहींं, सास ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन कथानक के अनुसार थाना बरखेड़ा में वादी मुकदमा श्रीकृष्ण लाल ने 14 अप्रैल 2021 को तहरीर देकर कहा कि उसकी पुत्री पूनम वर्मा की शादी थाना बरखेड़ा के ग्राम करनापुर के गोकरन लाल के साथ 30 मई 2015 को हुई थी। शादी के बाद गोकरन लाल ससुर मोतीराम उर्फ कल्लू सास सुखदेवी दो लाख रुपये और बाइक की मांग कर पूनम वर्मा को प्रताड़ित करने लगे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने पूनम वर्मा की 13 अप्रैल 2021 को 12 बजे दिन में उसकी हत्या कर दी। पूनम वर्मा सात माह की गर्भवती थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पाल गंगवार ने वादी सहित सात गवाह न्यायालय में पेश किए। वहीं, आरोपितों ने निर्दोष होना बताया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पति गोकरन लाल को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की सजा से दंडित किया। दोषी पर सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। हालांकि, सास सुखदेवी और ससुर मोतीराम उर्फ कल्लू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। |
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