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जागरण संवाददाता, वाराणसी। पहाड़ों पर बर्फबारी और उधर से आ रही बर्फीली उत्तरी-पश्चिमी हवा मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड व शीतलहर का वायस बनी हुई है। अधिकतम के साथ ही न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे चले गए हैं। दिन हो या रात भीषण गलन से देह कठुआए जा रही है। बुधवार को भी यही हाल रहा।
सूरज निकला, धूप खिली, तापमान भी थोड़ा बढ़ा, फिर भी प्रचंड गलन से जनजीवन ठिठुरा ही रहा। मोटे ऊनी कपड़ों का कवच भेद गलन हड्डियां ठिठुराती रही। लोग पूरे दिन अलाव, हीटर, ब्लोवर, अंगीठी के इर्द-गिर्द सिमटे रहे। फिलहाल गुरुवार को भी मौसम इसी तरह रहने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से अगले दो-तीन दिनों के लिए तनिक राहत के संकेत दिए हैं।
सुबह घने कोहरे में लिपटी हुई रही। बाबतपुर क्षेत्र में तो घना कोहरा रहा, वहां दृश्यता महज 50 मीटर होने से लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कई उड़ानें निरस्त कर दी गईं तो अनेक विलंब से उड़ीं। बीएचयू क्षेत्र में छिछला कोहरा होने से दृश्यता 600 मीटर रही। कुछ देर बाद लगभग नौ बजे से हल्की धूप दिखी जिसकी चमक क्रमश: बढ़ती गई तो कोहरे का धुंधलका कुछ कम हुआ।
इसके साथ ही बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान बीते 24 घंटे की अपेक्षा 1.8 डिगी सेल्सियस बढ़ा और सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू क्षेत्र में अधिकतम तापमान 3.3 उिग्री सेल्सियस कम हुआ और सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे 16.1 पर रहा। न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से 0.1 डिग्री नीचे 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित आंचलिक कार्यालय के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जनवरी के प्रथम सप्ताह के दौरान प्रदेश भर में पड़ी कड़ाके की ठंड के वर्तमान दौर में जम्मू कश्मीर पर अवस्थित पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से नौ जनवरी के उपरांत 11 जनवरी तक कोहरे के घनत्व में कमी आने तथा तापमान में बढ़ोत्तरी होने से ठंड की स्थिति में अल्पकालिक सुधार की संभावना है। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया तीन दिनों तक तो मौसम में थोड़ा सुुधार आएगा लेकिन इसके बाद फिर एक पश्चिमी विक्षोभ का झोंका वातावरण को ऐसे ही मौसम की गिरफ्त में ला सकता है। |
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