अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ रहा टकराव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान में सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहा है और इस प्रदर्शन का समर्थन अमेरिका और इजरायल खुले तौर पर कर रहे हैं। ईरान की सरकार को इसी बात से दिक्कत है।
ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने बुधवार, 7 जनवरी को इसे लेकर प्री-एप्म्टिव अटैक की चेतावनी दी। इस चेतावनी के जरिए अमीर हातामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की दी गई धमकी का भी करारा जवाब दिया है।
अमेरिका-ईरान के बीच टकराव
अमेरिका ने ईरान में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा था कि \“अगर तेहरान शांतपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सख्त रुख अपनाता है, तब अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा।\“
अमेरिका से मिली इस धमकी के बाद ईरान डिफेंस की जगह एक्शन मोड में आ गया है। ईरान ने साफ-साफ कह दिया है कि उनके देश के खिलाफ हो रही बयानबाजी का जवाब सिर्फ शब्दों से नहीं बल्कि अब सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा।
क्या है प्री-एप्म्टिव अटैक?
प्री-एम्प्टिव अटैक को आत्मरक्षा का अधिकार भी कह सकते हैं। इसका मतलब है कि किसी दूसरे देश के हमले को रोकने के लिए पहले से ही सैन्य कार्रवाई करना। इस तरह के हमले को करके कोई भी देश उस पर होने वाले हमले को कमजोर करने के लिए करता है।
ईरान ने अटैक कर दिया, तो क्या होगा?
अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान अगर पहले हमला कर देता है, तब होर्मुज जलडमरूमध्य पर इसका असर पडे़गा। ईरान के ऐसा करने से तेल की सप्लाई पर बहुत प्रभाव पड़ सकता है।
इसका मतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता ब्लॉक हो जाएगा, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई रुक जाएगी और पूरी दुनिया में तेल की कीमतें अचानक ही बढ़ जाएंगी।
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