पांडव नगर के पास एनएच-9 के पास स्थित निजी अस्पताल। जागरण आर्काइव
मदन पांचाल, गाजियाबाद। हाईवे और एक्सप्रेसवे किनारे होने वाले हादसों में घायलों को प्राइवेट अस्पतालों में निश्शुल्क इलाज मिलेगा। सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
पहले चरण में डीएमई और एक्सप्रेसवे पर चिन्हित ब्लैक स्पाट के आसपास स्थित जिले के दस बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल इसके लिये नामित कर दिये गये हैं। दूसरे चरण में इनका विस्तार किया जायेगा। इस योजना को लागू करने के लिए निजी अस्पतालों के लिये दो दिवसीय प्रशिक्षण का रोस्टर जारी कर दिया गया है।
एसबी तिवारी द्वारा इस संबंध में प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों एवं स्टाफ को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा। घायलों के इलाज का खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा।सबसे अधिक सड़क हादसे डीएमई और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर होते हैं ।
ऐसा केंद्र सरकार की कैशलैस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025 के तहत संभव होगा। केंद्र सरकार की योजना के तहत घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए 1.50 लाख रुपये या एक सप्ताह तक इलाज किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कराया जा सकता है।
इन दस प्राइवेट हॉस्पिटल्स में मिलेगा घायलों को निश्शुल्क इलाज
संतोष हॉस्पिटल पुराना बस अड्डा,मणिपाल हॉस्पिटल एनएच-24,सर्वोदय ट्रामा सेंटर वैशाली,यशोदा मेडिसिटी इंदिरापुरम,मैक्स हास्पिटल वैशाली,अम्बे हॉस्पिटल शालीमार गार्डन,निवोक हॉस्पिटल मोदीनगर,नरेन्द्र मोहन हॉस्पिटल मोहननगर साहिबाबाद,वर्धमान हॉस्पिटल संजयनगर
स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत सभी अस्पतालों में मिलेगी निश्शुल्क उपचार की सुविधा
हापुड़ के सीएमओ डा. सुनील त्यागी ने बताया कि शासनादेश में एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति लिखा हुआ है। ऐसे में हादसे में किसी भी प्रकार का घायल हो, उसको निशुल्क उपचार मिलेगा। जितना घायल होगा, उतना उपचार दे दिया जाएगा। घायल को जिले के किसी भी ऐसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है, जो स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत है।
अस्पताल में आपरेशन थिएटर, सर्जन, फिजीशियन, एक्सरे और हड्डी का चिकित्सक अवश्य हो। घायलों के भर्ती होने और उपचार मिलने के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दौरा भी किया जाएगा।
विभाग की ओर से हाईवे और एक्सीडेंट प्वाइंट पर ऐसे अस्पतालों की जानकारी भी जाएगी, जहां पर आपातकालीन सुविधा के रूप में ट्रामा सेेंटर सर्विस उपलब्ध होगी। हापुड़ में महीने में 10-12 हादसे होते हैं। पांच से सात लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं।
पांच साल में गाजियाबाद में हुए सड़क हादसों का विवरण
वर्ष हादसे मृत्यु घायल
2022
886
363
638
2023
991
365
704
2024
996
381
781
2025
1007
376
769
आइआरएडी और ईडीएआर पर दर्ज दुर्घटनाओं और भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित मुख्य योजनाओं जैसे जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट व सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम, राहवीर योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम योजना का क्रियान्वयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उक्त निर्देशों के अनुपालन में 10 स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किये गये है, जिनके समीप के 10 निजी चिकित्सालयों को आइआरएडी और ईडीएआर व सीट्रेव (कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम) योजना के लिये दो दिवसीय प्रशिक्षण ( 12 और 13 जनवरी को) एनआइसी कलक्ट्रेट में दिया जायेगा।
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- डा. अखिलेश मोहन, सीएमओ |