जागरण संवाददाता, पंचकूला। करीब छह साल पुराने एक संवेदनशील और झकझोर देने वाले मामले में पंचकूला की पॉक्सो अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी बस चालक को 25 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब पिजौर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक काॅलोनी में रहने वाली चार वर्षीय मासूम के साथ स्कूल बस में दुष्कर्म की वारदात सामने आई थी। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सोलन के रहने वाले बस चालक निरंजन उर्फ हनी को गिरफ्तार किया था।
बस में अकेली पाकर की घिनौनी हरकत
बच्ची अपनी मौसी के पिंजौर में रहती थी और रोजाना स्कूल बस से स्कूल आती-जाती थी। 14 फरवरी 2020 को रोजाना की तरह सुबह 7:45 बजे बस बच्ची को घर से स्कूल ले गई थी।
दोपहर को बस आमतौर पर 2:20 बजे बच्ची को घर छोड़ती थी, लेकिन उस दिन बस करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची और बच्ची को घर छोड़ा। शाम होते-होते बच्ची को पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और वह तड़पने लगी। मौसी के बार-बार पूछने और प्यार से समझाने पर बच्ची ने बताया कि स्कूल बस के ड्राइवर अंकल ने बस में उसके साथ गलत हरकत की है।
मेडिकल जांच में दुष्कर्म की हुई थी पुष्टि
परिजन तुरंत बच्ची को पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाॅक्टरों द्वारा की गई मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद मौसी की शिकायत पर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
मामला दर्ज होने के बाद पंचकूला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चालक निरंजन उर्फ हनी को गिरफ्तार कर लिया था। जांच और सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए गए मेडिकल सबूतों, बच्ची के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को दोषी करार दिया गया।अभियोजन पक्ष की ओर से डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटाॅर्नी एडवोकेट सुखविंदर कौर ने मुकदमे के दौरान आरोपित के अपराध को साबित किया।
बस में नहीं थी महिला अटेंडेंट
जांच में यह भी सामने आया था कि जिस स्कूल बस में यह घिनौनी वारदात हुई, उसमें महिला अटेंडेंट मौजूद नहीं थी। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपित ने मासूम बच्ची के साथ अपराध को अंजाम दिया। |
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