search

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर ऐसे करें पितरों का तर्पण, जीवन की सभी बाधाएं होंगी छूमंतर

deltin33 2026-1-7 16:57:14 views 428
  

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर कैसे करें पूर्वजों का तर्पण (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मौनी अमावस्या का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और पितरों को प्रसन्न करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन मौन व्रत करने का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौन व्रत से मानसिक शांति मिलती है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
अगर आप पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों का तर्पण जरूर करें। इससे जातक के जीवन की सभी कष्ट व बाधाएं दूर होती हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) पर कैसे करें पूर्वजों का तर्पण।
मौनी अमावस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Mauni Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या को 18 जनवरी (Kab Hai Mauni Amavasya 2026) को मनाई जाएगी।
माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत- 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 03 मिनट पर
माघ माह की अमावस्या तिथि का समापन- 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर

  

(Image Source: AI-Generated)
मौनी अमावस्या पितृ तर्पण विधि (Mauni Amavasya 2026 Pitru Tarpan Vidhi)

  • सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • इसके बाद पितरों का ध्यान करें।
  • तांबे के लोटा में जल लें और काले तिल मिलाकर पितरों को अर्पित करें।
  • पितरों को सात्विक भोजन अर्पित करें।
  • इसके बाद मंदिर या गरीब लोगों में अन्न, धन, कपड़े और तिल का दान करें।
  • पूर्वजों को भोग अर्पित करें और श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों या मंदिर में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।

अमावस्या पर ध्यान रखें ये बातें

  • अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना उत्तम माना जाता है।
  • पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध करना चाहिए। इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृ दोष की समस्या से मुक्ति मिलती है।
  • अनाज, तिल समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे जातक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
  • इसके अलावा पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करें। पेड़ की 5 या 11 बार परिक्रमा लगाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाएं।


यह भी पढ़ें- Mauni Amavasya 2026: पितृ दोष से हैं परेशान? मौनी अमावस्या पर करें ये 5 अचूक उपाय, बदल जाएगी किस्मत

यह भी पढ़ें- Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर बरसेगी शिवजी और पितरों की कृपा, इस मुहूर्त में मौन साधना खोल देगी किस्मत के द्वार

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
476106