संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज)। अररिया–गलगलिया रेलखंड पर स्थित महत्वपूर्ण रेल पुलों की सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एनएफ रेलवे मालीगांव ने अहम कदम उठाया है। रेलखंड अंतर्गत दुराघाटी गांव के समीप मेची नदी तथा मीरभिट्ठा गांव के समीप बूढ़ी कनकई नदी पर बने रेल पुलों के दोनों ओर गाइड बांध निर्माण कराया जाएगा।
रेलवे प्रशासन द्वारा तैयार की गई इस परियोजना के तहत कुल 36 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें बूढ़ी कनकई नदी पर बने रेल पुल के समीप 25 एकड़ तथा मेची नदी पर बने रेल पुल के समीप 11 एकड़ भूमि शामिल है। इसके लिए पौआखाली मौजा 21 एवं 22, तातपौआ तथा सुखानी राजस्व ग्रामों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
रेलवे के अभियंताओं की टीम द्वारा एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) सहित अन्य आवश्यक कागजी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उसके बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उक्त कार्य के लिए स्थल निरीक्षण और स्थानीय स्तर पर संबंधित रैयतदारों से समन्वय किया जा रहा है जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा न आए।
गाइड बांध बनने से नदी की धारा नियंत्रित रहेगी, कटाव पर रोक लगेगी
इस संबंध में रेलवे के कनीय अभियंता मुकुंद मुरारी ने बताया कि मेची नदी का तेज बहाव और बरसात के मौसम में जलस्तर में अचानक होने वाली वृद्धि रेल पुलों के लिए चुनौती बनी रहती है। ऐसे में गाइड बांध का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि गाइड बांध बनने से नदी की धारा नियंत्रित रहेगी, कटाव पर प्रभावी रोक लगेगी और पुल की नींव सुरक्षित रहेगी, जिससे भविष्य में रेल परिचालन निर्बाध और सुरक्षित रूप से जारी रह सकेगा।
रेलवे अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य नदी के तेज बहाव को नियंत्रित कर पुलों को कटाव, बाढ़ और संरचनात्मक क्षति के संभावित खतरे से सुरक्षित रखना है।
मौके पर मौजूद द्वय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही गाइड बांध निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए निविदा कार्य पूर्ण कर ली गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से न केवल रेल संरचना को मजबूती मिलेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी नदी कटाव और बाढ़ के दुष्प्रभाव से राहत मिलेगी। |
|