25 ब्लैक स्पाट चिह्नित हैं जिले से गुजर रहे एनएच व एसएच पर
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले से गुजर रहे राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) और राज्य उच्च पथ (एसएच) पर अवैध कट और ब्लैक स्पॉट प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद अब तक न तो अवैध कट पूरी तरह बंद हो सके हैं और न ही चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त सुरक्षा संकेतक लगाए जा सके हैं। ऐसे में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार गोपालगंज जिले से होकर गुजरने वाले लगभग 200 किलोमीटर लंबे एनएच और एसएच में से 142 किलोमीटर सड़क पर 25 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन दुर्घटना बाहुल्य स्थलों पर आए दिन गंभीर हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा मुख्य सड़कों पर 40 से अधिक अवैध कट अब भी खुले हुए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बने हुए हैं।
एनएच-27 सहित अन्य मार्गों पर हर दो-चार किलोमीटर की दूरी पर डिवाइडर में अवैध कट बनाए गए हैं। जिला मुख्यालय से गुजरने वाले एनएच पर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ है, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक जटिल हो गई है। डिवाइडर के अवैध कट, सड़क किनारे गड्ढे और बेसहारा पशु हादसों की प्रमुख वजह बन रहे हैं।
जिले के जिन 25 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, उनमें एनएच-27 के देवापुर, बलथरी, चैनपट्टी, कोन्हवा मोड़, बंजारी मोड़, बसडीला मोड़, सासामूसा, सिरिसिया चौक, ढोढ़वलिया मोड़, मिर्जापुर मोड़, बनकट मोड़, बरहिमा मोड़, कोईनी और दानापुर जैसे इलाके शामिल हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लिंकर लाइट, रंबल स्ट्रिप और साइन बोर्ड लगाने की योजना तो बनी, लेकिन जमीनी स्तर पर ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सड़क सुरक्षा समिति की हर माह होने वाली बैठक में अवैध कट बंद करने और ब्लैक स्पॉट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाते हैं। बावजूद इसके, आदेश के बाद भी दो-चार कट को छोड़कर अधिकांश जस के तस बने हुए हैं। अकेले एनएच-27 पर ही 20 से अधिक अवैध कट आज भी खुले हैं।
इसके अलावा हाइवे किनारे अवैध ट्रक ले-बाई पार्किंग भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है। जिले की सीमा में आठ स्थानों पर अवैध रूप से ट्रक, ट्रॉली और ट्रेलर खड़े किए जाते हैं, लेकिन इन्हें हटाने के लिए अब तक कोई ठोस प्रशासनिक पहल नहीं हो सकी है।
जानकारों का मानना है कि सिर्फ चालान और जुर्माना वसूली से सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। जब तक अवैध कट पूरी तरह बंद नहीं किए जाते और ब्लैक स्पॉट पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं होते, तब तक सड़कों पर लोगों की जान जोखिम में बनी रहेगी। |