जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर मंगलवार को आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे दाखिले से पहले प्रॉस्पेक्टस को ध्यानपूर्वक पढ़ें और admission.uod.ac.in वेबसाइट पर जारी होने वाली सभी सूचनाओं और अपडेट्स पर नियमित नजर बनाए रखें।
डीयू ने स्पष्ट किया है कि सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) 2026 के अंकों के आधार पर ही होगा। यह नियम स्कूल आफ ओपन लर्निंग (एसओएल), नान कालेजिएट वूमेन्स एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) और विदेशी छात्रों पर लागू नहीं होगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार, उम्मीदवार को उन्हीं विषयों में सीयूईटी देना होगा, जिन्हें उसने कक्षा 12वीं में पढ़ा है। यदि कोई विषय सीयूईटी में उपलब्ध नहीं है, तो उससे मिलते-जुलते विषय में परीक्षा देनी होगी, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत सिलेबस की समानता अनिवार्य होगी। विषयों की समानता पर अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय करेगा।
प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, अभ्यर्थी को कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा एक ही मान्यता प्राप्त बोर्ड से उत्तीर्ण करनी होगी। भारत या विदेश के वे बोर्ड मान्य होंगे, जिन्हें एसोसिएशन आफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने 10 2 के समकक्ष माना हो। डीयू प्रशासन ने बताया कि सीयूईटी में शामिल होने के साथ-साथ उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस-यूजी) 2026 में अलग से आवेदन करना होगा।
सीट आवंटन और दाखिले की पूरी प्रक्रिया की जानकारी बाद में वेबसाइट पर जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्नातक दाखिले के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं है और गैप ईयर भी बाधा नहीं बनेगा, लेकिन सीयूईटी-यूजी 2026 में शामिल होना अनिवार्य होगा। |