राज्य ब्यूरो, लखनऊ। हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प जमीन पर आकार लेता नजर आ रहा है। नगर निगम से लेकर नगर पालिका परिषद व पंचायतों की पेयजल परियोजनाओं को सुदृढ़ बनाने पर विशेष फोकस किया गया है।
इसी कड़ी में मंगलवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई अमृत 2.0 की 16वीं राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक में 33 पेयजल परियोजनाओं पर 1861 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया।
परियोजनाओं के तहत 2,87,801 घरों तक कनेक्शन पहुंचाने के लिए नए नलकूपों का निर्माण, रिबोर नलकूपों का कार्य, पूर्व निर्मित उच्च जलाशयों की मरम्मत, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पंप हाउस आदि के कार्य कराए जाएंगे।
बुलन्दशहर की स्याना नगर पालिका परिषद, कुशीनगर की रामकोल नगर पंचायत, वाराणसी नगर निगम के 18 वार्डों, एटा में जलेसर नगर पालिका परिषद, प्रतापगढ़ में रानीगंज, महोबा में कबरई नगर पंचायत, मुजफ्फरनगर नगर पालिका, आगरा में फतेहाबाद नगर, सहारनपुर में बेहट, तीतरो, नानौता व छुटमलपुर नगर पंचायत में पेयजल संवर्धन योजना और नगर निगम गोरखपुर पुनर्गठन पेयजल योजना सम्मिलित है।
ट्रेंच-तीन के तहत बांदा की मटौंध व नरैनी, चित्रकूट की मानिकपुर, झांसी की टोडी फतेहपुर, हाथरस नगर पालिका परिषद, फतेहपुर की खागा, सिद्धार्थनगर की बिस्कोहर, बहराइच में मिहीपुरवा, गोण्डा नगर पालिका परिषद, प्रयागराज में मऊआइमा, कासगंज में सिढ़पुरा व भरगैन नगर, उन्नाव में ऊग नगर पंचायत, मिर्जापुर में चुनार नगर पालिका परिषद, बाराबंकी की रामसनेहीघाट, दरियाबाद व टिकैतनगर नगर पंचायत में काम होगा।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे। |