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हरियाणा में बेघरों को मिलेगी सिर पर छत, सामाजिक सुरक्षा कवच होगा मजबूत, जानें किसको मिलेगा फायदा

LHC0088 4 day(s) ago views 374
  

मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।




सुधीर तंवर, चंडीगढ़। हरियाणा में अंत्योदय के उत्थान के प्रयास नए साल में और तेज होंगे। शहरों और गांवों में बेघर परिवारों के सिर पर छत, बेहतर शिक्षा और अंत्योदय परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए कई योजनाएं परवान चढ़ेंगी।

प्रदेश में छह लाख गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार एक लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले जरूरतमंद परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।

अगर ऐसे परिवार के पास भूमि नहीं हुई तो सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा गरीबों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे।

हर गरीब परिवार की न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये करने के प्रयास चल रहे हैं। इस कड़ी में लाडो लक्ष्मी योजना गरीब महिलाओं के लिए संबल बनेगी। योजना में पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1100 रुपये डाले जाएंगे।

एक हजार रुपये की एफडी होगी। यानी कि प्रदेश सरकार हर महीने 2100 रुपये देगी, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी। इसके अलावा बुजुर्गों-विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) के 35 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। एक लाख रुपये से कम आय वाले अंत्योदय परिवारों के सभी सदस्यों को रोडवेज बसों में 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। अंत्योदय मेलों के माध्यम से अभी तक 60 हजार गरीब युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन और कौशल प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है।

जल्द ही अंत्योदय उत्थान मेलों का अगला दौर शुरू होगा, जिसमें गरीब युवाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास होंगे। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में 18 विभागों की 48 योजनाएं शामिल की गई हैं जिनका लाभ युवा उठा सकते हैं।

अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम अगर बीपीएल सूची में है तो उन्हें कन्या विवाह शगुन योजना के तहत 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, जो बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो उन्हें शादी में 51 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा।

अनुसूचित जाति के युवाओं सूक्ष्म और लघु उद्योग लगाने के लिए प्लाटों की कीमत में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। हालांकि योजना का लाभ उठाने के लिए प्लाट मिलने के तीन साल के भीतर परियोजना को शुरू करना होगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश लेने वाली तीन लाख रुपये वार्षिक से कम पारिवारिक आय वाली प्रत्येक छात्रा को 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मध्यम वर्ग और गरीब लोगों के घरों की छतों पर रूफटाप सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे जिससे न केवल बिजली बिलों से निजात मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को वितरण कंपनियों को बेचकर अतिरिक्त कमाई की जा सकेगी। गरीबों के लिए न्यूनतम बिजली बिल की अनिवार्यता पहले ही खत्म की जा चुकी है।
प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टाॅप-अप

मुख्यमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना शुरू की गई है, जिसके तहत प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टाॅप-अप दिया जाएगा। श्रमिकों व आश्रितों को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण के साथ ही हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत दो लाख बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें।

पारंपरिक नौकरियों के अलावा आधुनिक उद्योगों से संबंधित नौकरियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण पर फोकस रहेगा। हर साल पांच हजार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स और प्रोग्रामिंग तथा विद्युत वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में नौकरियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल स्कूल स्थापित किए जाएंगे जहां छठी कक्षा से ही बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा।
वेंचर कैपिटल फंड से स्टार्टअप खोल सकेंगे युवा

युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना कर बैंकों, वित्तीय संस्थानों और उद्यम पूंजी निधियों से ऋण दिलाया जाएगा। 200 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है जो महिलाओं, गरीब परिवारों और अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग से संबंधित परिवारों को वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगा। वेंचर कैपिटल फंड से युवाओं को पांच करोड़ रुपये तक की लागत वाली परियोजनाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी।
विदेशी भाषाएं सीखकर विदेश में पा सकेंगे रोजगार

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 1000 हरहित स्टोर और खोले जाएंगे। हरियाणा ओवरसीज प्लेसमेंट सेल विदेश में प्लेसमेंट की आवश्यकताओं और कौशल की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करेगा।

विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को जर्मन, जापानी, इतालवी जैसी भाषाएं सिखाई जाएंगी। छह लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए फारेन लैंग्वेज सर्टिफिकेशन टेस्ट का खर्च भी सरकार वहन करेगी।
पांच स्थानों पर शुरू होंगे श्रमिक सुविधा केंद्र

प्रदेश में जल्द ही पांच स्थानों पर श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू किए जाएंगे। चौराहों पर 150 श्रमिक शेड बनाए जाने हैं। सोनीपत, गुरुग्राम, सोहना, पलवल और बावल में पांच नए श्रम न्यायालय खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में श्रमिकों के लिए किफायती किराए की आवास योजना के रूप में लेबर हास्टल बनाए जाएंगे।

निर्माण स्थलों पर क्रेच, प्ले स्कूल और साइट स्कूल खोले जाएंगे ताकि श्रमिकों के बच्चे भी पढ़ाई कर सकें। मुख्यमंत्री श्रमयोगी प्रतिभावान योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों की फीस माफ करने के साथ ही छात्रावास शुल्क, पुस्तकों और कंप्यूटर द्वारा उनकी तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के लिए सहायता दी जाएगी।
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