जागरण संवाददाता, बाराबंकी। मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम लागू होने के बाद भी मुस्लिम महिलाओं पर तीन तलाक का जुल्म थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए वर्ष के अभी पांच दिन ही बीते हैं और तीन तलाक के दो मामले सामने आ चुके हैं। पुलिसिया कार्रवाई में शिथिलता ऐसे मामलों को रोकने में आड़े आ रही है।
कोतवाली नगर के बंकी उत्तर टोला निवासी फातिमा खान का निकाह 27 अक्टूबर 2025 को जैदपुर के नानपजान निवासी मो. फौज से हुआ था। निकाह के बाद ही पति मोहम्मद फौज, सास फरीदा, ससुर मोहम्मद शकील साजिशन फातिमा को प्रताड़ित करते और पूरा-पूरा दिन भूखा प्यासा कमरे में बंदकर उत्पीड़न किया जाता।
मायके ने समझाने का प्रयास किया तो फातिमा को तलाक देकर दूसरा निकाह की धमकी मिलने लगी और तर्क दिया गया कि इस्लाम में हमें चार निकाह की इजाजत दी है।
इस बीच ससुरालीजन ने फातिमा के परिवारजन को बुलाकर बेइज्जत भी किया और उनके सामने ही मो. फौज ने फातिमा को तीन तलाक दे दिया, तो पीड़िता माता-पिता के साथ मायके चली गई।
इस मामले में दो जनवरी को पुलिस ने ससुरालीजन पर मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों की तलाश में दबिश दी गई थी, लेकिन सभी फरार हैं। गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। |