जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रयागराज माघ मेला की ड्यूटी लगाने को लेकर पुलिस लाइन में बड़ा खेल हो गया। हेडकांस्टेबल के बजाय दारोगा की ड्यूटी लगाकर रवानगी भी कर दी गई। ड्यूटी चार्ट बदलने को लेकर पुलिस लाइन में तरह तरह की चर्चाएं हैं। गणना कार्यालय की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए। आखिर ड्यूटी बदलने के पीछे की मंशा क्या है? कुछ दारोगा ने दबी जुबान में ड्यूटी काटने पर तीन से पांच हजार तक की वसूली का आरोप भी लगाया है। अनुशासन में बंधे दारोगा इसे खुलकर उजागर नहीं कर पा रहे हैं।
एसएसपी डा. विपिन ताडा ने माघ मेला प्रयागराज में भेजे जाने वाले पुलिसकर्मियों को ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया। उनकी ड्यूटी तीन जनवरी से 15 फरवरी तक निश्चित की गईं। एसएसपी के ड्यूटी चार्ट में 51 पुलिसकर्मियों की सूची जारी की गईं। एसएपी की सूची में तीन दारोगा और 48 हेडकांस्टेबल को रखा गया है। सूची में यह भी लिखा गया है कि यदि कोइ्र भी पुलिसकर्मी अवकाश पर हैं, बीमार हैं। उसके स्थान पर दारोगा की ड्यूटी लगा दी जाए।
पुलिस लाइन में पहुंचते ही एसएसपी आफिस से जारी हुई 51 पुलिसकर्मियों की सूची से 41 पुलिसकर्मियों के नाम बदल दिए गए। यानि हेडकांस्टेबलों के स्थान पर सभी दारोगा की ड्यूटी लगाकर पुलिस लाइन से रवानगी तक कर दी गई। दारोगा दबी जुबान में गणना कार्यालय के स्टाफ पर ड्यूटी काटने पर बड़ा खेल उजागर होने की बात कह रहे हैं।
आरोप यहां तक है कि ड्यूटी काटने के लिए तीन से पांच हजार तक की रकम वसूली गई है। दारोगाओं का कहना था कि पुलिस अनुशासन में रहती हैं, इसलिए इसका विरोध नहीं जताया गया है। कुछ दारोगाओं ने अभी तक पुलिस लाइन से रवानगी तक नहीं कराई गई है।
लाइन इंचार्ज एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि वह अन्य कार्यों में लगे हुए हैं। इसलिए उन्हें माघ मेला में लगाई गई ड्यूटी के बारे में जानकारी नहीं है। आरआइ से इस संबंध में जानकारी के लिए काल की गई। उनका काल रिसीव नहीं हुआ है। पूरे मामले को गंभीरता से दिखवाया जाएगा।
गणना कार्यालय में ड्यूटी को लेकर लगातार चल रहा खेल
एसएसपी ने 28 दिसंबर को भी पुलिस लाइन से 48 पुलिसकर्मियों की तैनाती थानों में की गईं। यह सभी ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जो लाइन में तैनात होने के बाद ड्यूटी नहीं कर रहे थे। सिपाही अमन कपिल का नाम भी था, जिस पर ड्यूटी नहीं करने पर 2021 में भी कार्रवाई की गईं थी। हाल में अमन कपिल को खरखौदा थाने में तैनात किया गया है।
इसी तरह से लोकेंद्र, अजय, विवेक, सुनील, मानवेंद्र, मिथुन, राहुल, रामकिशन तक 48 पुलिसकर्मी हैं, जिनकी तैनाती थानों में की गई है। उक्त पुलिसकर्मी भी गणना कार्यालय में सेटिंग कर ड्यूटी नहीं कर रहे थे। उसके बाद भी गणना कार्यालय में ड्यूटी को लेकर कोई सुधार नहीं हुआ है। |