राजस्थान का समसकारा रिजॉर्ट।
जागरण टीम, आगरा। कोरोना के विकट कालखंड में दूल्हे के पिता की मौत के बाद विवाह न होने पर आयोजन स्थल के बुकिंग की ब्याज सहित धनराशि अब रिजार्ट स्वामी को लौटानी होगी। यह जरूर है कि जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश में राज्य उपभोक्ता आयोग ने संशोधन कर दिया है, इससे रिजाॅर्ट स्वामी को अब क्षतिपूर्ति की धनराशि सिर्फ 10 हजार रुपये देनी होगी। पहले 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश हुआ था।
सिकंदरा निवासी प्रो. यूसी शर्मा ने अपनी बेटी की शादी के लिए सांगानेर राजस्थान का समसकारा रिजार्ट व स्पा विलेज बुक कराया था। शर्मा ने 27 फरवरी व 25 मार्च 2020 को दो लाख रुपये नकद व इतनी ही धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से बुकिंग के लिए भुगतान किया था। उसके बाद कोविड-19 के तहत केंद्र व राज्य सरकार ने सामूहिक रूप से एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
22 मई 2020 को दूल्हे के पिता की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई थी, ऐसे में 28 नवंबर से एक दिसंबर 2020 तक की रिजाॅर्ट की बुकिंग निरस्त करा दी गई थी। शर्मा ने धनराशि वापस मांगी तो एक सप्ताह में धन देने का आश्वासन दिया गया। भुगतान न मिलने पर शर्मा ने जिला उपभोक्ता फोरम ने वाद दाखिल किया।
फोरम ने चार लाख रुपये 60 दिन में वापस लौटाने व 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी इसी अवधि में देने का आदेश दिया, अन्यथा पूरी धनराशि पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। रिजार्ट के स्वामी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दाखिल किया।
आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव व सदस्य सुधा सक्सेना ने दोनों पक्षों की सुनवाई करके बुकिंग की धनराशि छह प्रतिशत ब्याज के साथ वापस लौटाने व क्षतिपूर्ति 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। |