जागरण संवाददाता, एटा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा लाभार्थियों को आनलाइन चेहरा प्रमाणीकरण द्वारा ही पोषाहार वितरण के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के बावजूद भी बिना चेहरा प्रमाणीकरण पोषाहार का वितरण करने के मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने चार विकासखंड की चिन्हित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। उन्होंने 31 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकने के निर्देश जारी किए हैं।
यहां बता दें कि विभाग द्वारा लाभार्थियों को पोषाहार वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए चेहरा प्रमाणीकरण की व्यवस्था कई महीने पहले से प्रभावी कर दी है। लगातार शासन प्रशासन और विभाग द्वारा पोषाहार का वितरण आनलाइन प्रक्रिया के अंतर्गत ही किए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विभागीय निर्देशों का अनुपालन न करते हुए पोषाहार वितरण में मनमानी की जा रही है। इस तरह की लापरवाही को पोषाहार वितरण में अनियमितता की स्थिति पाते हुए सख्त रुख अपनाया है। खास बात तो यह है कि जो भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रथम चरण में चिन्हित की गई है उनके द्वारा लागू व्यवस्था का अभी तक अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा था।
इस तरह की मनमानी को देखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने विकास खंड जैथरा में 15, अलीगंज की 10, मारहरा में पांच तथा सकीट की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का तत्काल प्रभाव से मानदेय रोकने की कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पोषाहार वितरण में पारदर्शिता के लिए लघु व्यवस्था के विरुद्ध किसी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा की जा रही मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो और भी वर्कर्स के विरुद्ध जल्द कार्रवाई की जाएगी।
इन केंद्रों की आंगनबाड़ी का रोका गया मानदेय
जैथरा में जीवनाबाद प्रथम, नगला बेदी मिनी, नगला सकतु, भलौल मरहिया, खेतुपूरा पिंजरी द्वतीय, बिचनपुर, बिजलई, अमृतपुर रघुपुर, अहरई विचनपुर, नगला बल्लू, अलापुर दहेलिया, मोहिद्दीनपुर, नगला दयाल जशरथपुर, अलीगंज में कुलवरिया, केल्ठा, दाउदगंज, विजयपुर, पहरा, नगला धनु, अमरोली रतनपुर, मुहल्ला सुदर्शन दास, गोविंद दास, नगला झम्मन, मारहरा में कुवायत गंज, सुपैती, सिय, सुल्तानपुर, नगला भजना प्रमुख है। |