cy520520 • 2026-1-5 21:56:43 • views 509
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। उधम यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपित प्रदुम्न गौंड को गगहा पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। यह आठ वर्ष से फरार चल रहा था, डीआइजी ने इसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपित ने साथियों संग में पाल्हीपार के उधम का अपहरण किया और चाकू से गोंदकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जानीपुर के पास से शव बरामद किया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपित को नयायालय में पेश कर
यह घटना सितंबर 2017 की है। 24 वर्षीय उधम यादव के मोबाइल पर रात साढ़े नौ बजे फोन आया। इसके बाद उधम घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। पिता रामलाल यादव ने यशवंत उर्फ सोनू सिंह, संटू राय, अंकित राय उर्फ गोलू, छोटू खान और नसिंह चौहान पर अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताई। साथ में यह भी बताया कि आरोपित मनबढ़ और अपराधिक किस्म के है। लेकिन, पुलिस ने पहले अपहरण का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरु की थी। लेकिन, उसका पता नहीं चला और कुछ दिन बाद उधम यादव का शव जानीपुर के पास बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा बढ़ाते हुए जांच शुरू की।
सोमवार को घटना का पर्दाफाश करते हुए एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि कुछ दिनों बाद गगहा पुलिस ने नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और जेल भेजा गया। बाद में पुलिस की विवेचना में सामने आया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित गोला थाना के परसिया गांव निवासी प्रदुम्न गौड़ है। पुरानी रंजिश में उसने ही वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस प्रदुम्न की तलाश शुरू की। लेकिन, जानकारी होने के बाद प्रदुम्न गांव छोड़कर दुबई फरार हो गया। उसके स्वजन भी घर से फरार हो गए। कुछ महीने बाद आरोपित प्रदुम्न परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गया और खुद स्थान बदलता रहा।
वर्ष 2023 में न्यायालय के आदेश पर उसके घर कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी, बावजूद वह पकड़ से बाहर था। कुछ दिन पहले पुलिस को उसका एक मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद लगातार उसका लोकेशन ट्रेश किया जा रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि परसादीपुर मिश्रौली स्थित एक बगीचे में वह पहुंचा है। थाना प्रभारी गगहा अंजुल चतुर्वेदी पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपित को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद प्रदुम्न को जेल भेज दिया गया। |
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