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Punjab News: पीएम मोदी सुरक्षा चूक मामले में 4 साल बाद भी चालान नहीं, भाजपा ने लगाया साजिश का आरोप

Chikheang 4 day(s) ago views 796
  

5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में चार साल बाद भी पुलिस अदालत में चालान पेश नहीं कर पाई (फाइल फोटो)



डॉ. तरूण जैन, फिरोजपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा में चूक मामले में पंजाब पुलिस चार साल बाद भी आरोपियों के खिलाफ चालान अदालत में पेश नहीं कर पाई है। डीएसपी सब-डिविजन करण शर्मा का कहना है कि पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। अभी कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया है।  

भाजपा के जिला प्रधान सर्बजीत सिंह बोबी बाठ ने कहा कि कुछ लोगो ने सोची समझी साजिश के तहत प्रधानमंत्री का काफिला रोका था। अगर प्रधानमंत्री रैली में शामिल होते तो पूरे पंजाब को अरबो के विकास प्रोजेक्ट मिलने थे। सिर्फ फिरोजपुर ही नहीं पूरे राज्य में रैली में शामिल होने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका गया था। पार्टी के पूर्व प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुशील गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब व पंजाबियों से शुरुआती दौर से गहरा नाता है। प्रधानमंत्री का काफिला रोकने वालों का चेहरा बेनकाब होना समय की बड़ी मांग है।

उल्लेखनी है कि 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री ने पीजीआइ सेटेलाइट सेंटर का नींव पत्थर रखने के अलावा विधानसभा चुनाव से पहले राज्य को विभिन्न सौगात देने आना था। उनके द्वारा एक रैली को भी संबोधित करना था। मौसम खराब की वजह से उनका हैलीकाप्टर बठिंडा में लैंड करवाया गया और वह सड़क यातायात के माध्यम से फिरोजपुर आ रहे थे तो रैली स्थल से सात किलोमीटर पहले ही किसानों द्वारा धरना लगाकर उनका काफिला रोक दिया गया था और करीब 15 मिनट तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इंतजार करना पड़ा था और बाद में काफिला वापिस लौट गया था।

बठिंडा पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने एक अधिकारी को कहा था कि अपने सीएम को बोलना मैं जिंदा लौट आया। गांव प्यारेआना में हुई सिक्योरिटी ब्रीच मामले में थाना कुलगढ़ी पुलिस द्वारा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और इस मामले की जांच तब डीएसपी रहे यादविन्द्र बाजवा को सौंपी गई थी।

पुलिस ने जिन लोगो की पहचान की थी, उनमें कुछ का देहांत भी हो चुका है। इस मामले में पुलिस ने वारयरल वीडियो के आधार पर काफी लोगो की पहचान करके उनके नाम एफआइआर में शामिल किए थे। 9 जनवरी 2022 को तब एसएसपी रहे नरेंद्र भार्गव द्वारा एसपी डिटेक्टिव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम -सीट- का गठन किया गया था, जिसमें डीएसपी ग्रामीण सहित सीआईए इंचार्ज सदस्य थे।

पुलिस द्वारा की गई लंबी-चौड़ी जांच के बाद इस मामले की धाराओं में वृद्धि की गई है। पुलिस द्वारा इस मामले में आइपीसी की धारा 307, 353, 186, 149, 341 के अलावा 8 बी नेशनल हाईवे एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाई गई है। पुलिस द्वारा जल्द ही कोर्ट में चालान पेश करने की प्रक्रिया अमल में लाने के दावे किए जा रहे हैं।
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