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झारखंड में हो सकता था बिहार जैसा हादसा! रेलवे पुल के पिलर में दरार; समय रहते रोकी गई रांची-लोहरदगा मेमो ट्रेन

LHC0088 2026-1-4 16:26:38 views 938
  

पैदल अपने गंतव्य की ओर जाते यात्री। (जागरण)



राकेश कुमार सिन्हा, लोहरदगा। लोहरदगा में रविवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। रांची से लोहरदगा आ रही मेमो ट्रेन आरएल-3 को समय रहते रोक दिया गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।

कोयल नदी पर बने भक्सो रेलवे पुल के पांच नंबर पिलर में दरार आने की जानकारी मिलते ही रेलवे कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया।

जानकारी के अनुसार रांची से टोरी की ओर जाने वाली मेमो ट्रेन संख्या 68027 निर्धारित समय पर रवाना हुई थी। रविवार होने के कारण ट्रेन में यात्रियों की सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ थी।

जैसे ही ट्रेन लोहरदगा स्टेशन से कुछ दूरी पहले कोयल नदी रेलवे पुल के समीप पहुंची, वहां मौजूद रेलवे कर्मियों को पुल के पिलर और गाटर में क्षति की सूचना मिली। इसके बाद बिना देरी किए ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया। अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में अफरातफरी का माहौल बन गया।

  

पुल के पहले रोक दी गई ट्रेन।  

पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी फैलते ही यात्री घबरा गए। सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतारा गया। कई यात्री रेलवे ट्रैक के रास्ते पुल पार कर नदी के किनारे पहुंचे, जहां पहले से मौजूद ऑटो, टेंपो और अन्य निजी वाहनों से वे अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
ईश्वर का कर रहे थे स्मरण

इस दौरान यात्री ईश्वर का स्मरण करते नजर आए और रेलवे की तत्परता की सराहना की। रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोहरदगा-रांची रेलखंड पर रेल परिचालन बाधित हो गया है। मेमो ट्रेन के अलावा सासाराम पैसेंजर, इंटरसिटी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा है। कई ट्रेनों को रोक दिया गया, जबकि कुछ के मार्ग में परिवर्तन किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही रांची से डीआरएम अपनी तकनीकी टीम के साथ लोहरदगा के लिए रवाना हो गए। रेलवे इंजीनियरों द्वारा पुल की जांच की जा रही है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब तक पुल पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन बहाल नहीं किया जाएगा।

इधर, समय रहते क्षति का पता चल जाने से एक बड़े हादसे को टाल लिया गया, जिससे रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

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