search

कभी पनामा में भी अमेरिका ने किया था वेनेजुएला जैसा हमला, मिलिट्री शासक पर हुआ था एक्शन; पूरी डिटेल

Chikheang 5 day(s) ago views 223
  

पनामा के मिलिट्री शासक मैनुअल नोरिएगा के लिए अमेरिका ने की थी बड़ी कार्रवाई।  



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि यूएस ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर की गई थी।

अमेरिकी अधिकारियों ने वेनजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग्स और गैंग के सदस्यों को भेजने का आरोप लगाया और उन्हें पद से हटने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। अब ये ऑपरेशन करके अमेरिका ने अपना मकसद पूरा किया है।
पनामा पर हुए हमले की याद दिलाती ये कार्रवाई

यह हमला 1989 के बाद लैटिन अमेरिका में वॉशिंगटन की पहली सीधी मिलिट्री कार्रवाई है, जब अमेरिकी सेना ने मिलिट्री शासक मैनुअल नोरिएगा को हटाने के लिए पनामा में एंट्री की थी। एक ऐसा अभियान जो न सिर्फ अपनी जबरदस्त मारक क्षमता के लिए बल्कि अपने साउंडट्रैक के लिए भी बदनाम हो गया।
पनामा के मिशन को दिया गया था ऑपरेशन जस्ट कॉज का नाम

उस समय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने अमेरिकी नागरिकों की जान बचाने और नोरिएगा को इंसाफ के कटघरे में लाने के लिए पनामा में सेना भेजने का आदेश दिया था। इस मिशन को औपचारिक रूप से ऑपरेशन जस्ट कॉज नाम दिया गया था, जिसमें देश भर में रणनीतिक जगहों पर कब्जा करने के लिए 20,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया गया था।

यह हमला पनामा की सेना द्वारा एक अमेरिकी सैनिक की हत्या के बाद हुआ और उस समय हुआ जब नोरिएगा पर ड्रग तस्करी के आरोपों और 1989 के चुनाव में हेरफेर करने के आरोपों को लेकर अमेरिका में मुकदमा चल रहा था।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 514 पनामानियाई सैनिक और नागरिक मारे गए। हालांकि स्थानीय संगठनों ने दावा किया कि यह संख्या 1,000 के करीब थी। 23 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए।
नोरिएगा को बाहर निकालने के लिए बजाया गया रॉक म्यूजिक

जैसे ही अमेरिकी सेना करीब आई नोरिएगा ने वेटिकन के डिप्लोमैटिक मिशन में शरण ली। इसके बाद जो हुआ वह मॉडर्न युद्ध के सबसे अजीब किस्सों में से एक था। इमारत के बाहर तैनात सैनिकों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए तेज आवाज में रॉक म्यूजिक बजाया। यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक दबाव था जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा।

इसमें केसी एंड द सनशाइन बैंड का गिव इट अप, एलिस कूपर का नो मोर मिस्टर नाइस गाय, ब्लैक सब्बाथ का पैरानॉयड, गन्स एन रोजेजे का वेलकम टू द जंगल, बॉन जोवी का वांटेड डेड ऑर अलाइव और द डोर्स का द एंड जैसे ट्रैक शामिल थे।
11 दिन बाद नोरिएगा ने किया सरेंडर

दूतावास के अंदर 11 दिन बिताने के बाद नोरिएगा ने 3 जनवरी 1990 को सरेंडर कर दिया। उन्हें अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों द्वारा मियामी ले जाया गया, जहां उन पर मुकदमा चला और उन्हें ड्रग तस्करी, रैकेटियरिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया गया।

नोरिएगा ने अपनी बाकी जिंदगी हिरासत में बिताई। पहले वह अमेरिका में रहे, फिर फ्रांस में और बाद में पनामा में हाउस अरेस्ट में। 2017 में 83 साल की उम्र में ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के बाद हुई दिक्कतों की वजह से उनकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें: ड्रग्स और आतंकवाद का चलेगा केस... मादुरो को पकड़ने के बाद अमेरिका ने क्या घोषणा की?

यह भी पढ़ें: सद्दाम हुसैन, लादेन और मादुरो... अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ा, अब अगला कदम क्या?
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
148953

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com