निहाल सिंह, नई दिल्ली। लोगों के लिए खतरनाक और खूंखार हो रहे आवारा कुत्तों पर पहली बार एमसीडी ने कार्रवाई की है और दस कुत्तों को डाॅग शेल्टर में भेज दिया है। अब यह कुत्ते आजीवन या व्यवहार ठीक होने तक शेल्टर में रहेंगे। नजफगढ़ के कुछ अस्पताल और रिहायशी इलाकों से इन कुत्तों को नागरिकों की शिकायत के बाद उठाया है।
\“पशु प्रेमियों के हंगामे को करें अनसुना\“
निगम के अनुसार, इन्हें वहीं के नजदीक एक एनजीओ के द्वारा संचालित होने वाले शेल्टर में भेज दिया गया है। खूंखार कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एमसीडी की यह पहली बड़ी कार्रवाई है। हालांकि, निगम को कार्रवाई के दौरान पशु प्रेमियों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है लेकिन निगम ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियम के पालन के तहत कार्रवाई करें चाहे फिर पशु प्रेमी कितना भी हल्ला क्यों न मचाए। नियमों में कोई कोताही न होनी चाहिए।
कुत्तों को न हो कोई दिक्कत
एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सात नंवबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। इसमें खूंखार कुत्तों को हटाने के साथ ही सार्वजनिक स्थान जैसे स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन के अंदर से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में रखना है। चूंकि हमारे पास अभी शेल्टर नहीं हैं इसलिए हम फिलहाल इस अभियान को उस तेजी से नहीं चला पा रहे हैं जिस तेजी से चलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नजफगढ़ में अस्पताल और रिहायशी इलाकों से आवारा कुत्तों द्वारा लोगों को शिकार बनाने की शिकायतें आ रही थी जिसके बाद हमने दस कुत्तों को नजफगढ़ के विभिन्न इलाकों 10 आवारा कुत्तों को उठाकर वहीं के एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में भेज दिया है। जहां पर इन कुत्तों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
एमसीडी का शेल्टर होम बनने में लगेगा अभी छह माह तक का समय
दिल्ली में फिलहाल आवारा कुत्तों को स्थायी रूप से रखने के लिए कोई शेल्टर होम नहीं है। इसलिए निगम फिलहाल इसका कोई अभियान नहीं चला रहा है। एमसीडी ने नजफगढ़ की समस्या को देखते हुए एनजीओ से बात की और वह कुत्तों को रखने के लिए तैयार हो गई तो निगम ने यह कदम उठाया। वैसे निगम दो स्थानों पर आवारा कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनाने की योजना पर काम कर रही है।
शेल्टर होम द्वारका सेक्टर 29 में बनाया जाएगा
इसमें एक शेल्टर होम को बनाने की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। 3.5 करोड़ की अनुमानित लागत से यह शेल्टर होम द्वारका सेक्टर 29 में बनाया जाना है। इसमें अभी छह से आठ माह का समय लग सकता है। क्योंकि टेंडर प्रक्रिया होगी फिर निर्माण कार्य होगा।
इसमें 1500 कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनेगा। जहां पर खतरनाक और बीमार कुत्तों को अलग-अलग स्थान पर बनाया जाएगा। साथ ही कुत्तों के व्यवहार में सुधार हो इसके लिए भी स्थान बनाया जाएगा। कुत्ते चिड़चिड़े न हो उन्हें घूमने के लिए पर्याप्त स्थान हो यह भी व्यवस्था रहेगी।
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