संवाद सूत्र, असोहा (उन्नाव)। हिमाचल प्रदेश ले जाकर जिस रुखसाना की हत्या हुई वह असोहा क्षेत्र के सरवन गांव की रहने वाली है। उसकी शादी वर्ष 2010 में बीघापुर के ऊंचगांव सानी निवासी चांद मुहम्मद से हुई थी। मशक्कत के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रुखसाना के मायके व ससुराल पक्ष की जानकारी जुटा, शुक्रवार दो जनवरी को रुखसाना की हत्या होने की जानकारी पिता को दी।
रुखसाना के पिता असोहा क्षेत्र के गांव सरवन निवासी मोहर्रम अली ने बताया कि बेटी अगस्त माह में रक्षाबंधन के आस पास घर से खेत जाने की बात कहकर निकली थी। जानकारी करने पर पता चला था कि दही क्षेत्र के कुमेदानखेड़ा निवासी प्रवीण के साथ वह चली गई है। बताया कि दो वर्ष पूर्व भी रुखसाना घर से उसी युवक के साथ चली गई थी। किसी तरह उसे खोजकर घर लाया गया था। ससुराल वालों ने उसकी हरकत से तंग आकर उससे दूरियां बना ली थी। जिसके बाद से रुखसाना मायके में ही रह रही थी। उसके दो बेटे 12 वर्षीय व आठ वर्षीय हैं, जो अपने पिता के पास रह रहे हैं।
शुक्रवार शाम हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। पिता ने बताया कि उनके कोई बेटा नहीं था। तीन बेटियां थी। जिसमें रुखसाना सबसे बड़ी थी। असोहा एसओ एसओ फूल सिंह ने बताया कि रुखसाना के लापता होने के संबंध में उनके घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी थी। शिकायत मिलती है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह हुई हत्या
हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने बीते बुधवार को दही क्षेत्र के कुमेदानखेड़ा गांव पहुंचकर यहां रहने वाले प्रवीण व उसके पिता राजकिशोर को पकड़ा और अपने साथ लेकर चली गई थी। वहां के जिला बिलासपुर के कोट कहलूर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया था कि प्नवीण गुजरात में ही एक फैक्ट्री में काम करता था। रुखसाना लिव इन रिलेशनशिप में उसके साथ रह रही थी। रुखसाना द्वारा प्नवीण को ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिससे परेशान प्नवीण ने गुजरात में ही रहने वाले अपने दोस्त अवनेश के साथ रुखसाना की हत्या की साजिश रची। 16 दिसंबर को गुजरात से रुखसाना को लेकर हिमांचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर पहुंचे और वहां से दर्शन के बाद अगले दिन 17 दिसंबर को हत्या कर सभी वहां से भाग निकले। प्नवीण का पिता भी हत्या के समय बेटे के साथ था। |
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