31 तक हर हाल में लंबित राशि का समायोजन करने को कहा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Panchayati Raj Department: राज्य के सभी जिलों में पंचायती राज विभाग को अब प्रतिमाह 12 हजार करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) सौंपने का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय सचिव ने लंबित यूसी की समीक्षा के दौरान इसके निष्पादन की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताई है।
समीक्षा में सामने आया कि कई जिलों से लगातार निर्देश के बावजूद उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसके चलते महालेखाकार कार्यालय की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजा जा रहा है। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 31 तक हर हाल में लंबित राशि का समायोजन किया जाए। इस पूरे कार्य की निगरानी अब मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यूसी समायोजन में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और विशेष कैंप लगाकर लंबित राशि का समायोजन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
समीक्षा के दौरान दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की स्थिति असंतोषजनक पाई गई।
29 करोड़ रुपये का हुआ समायोजन
पिछले दिनों मुजफ्फरपुर जिले से करीब 29 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को सौंपे गए। यह राशि 15वीं वित्त आयोग के तहत जिले को आवंटित की गई थी, जिसका लंबे समय से हिसाब लंबित था। विभागीय रिमाइंडर के बाद प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए, जिसके बाद राशि समायोजन के लिए उप महालेखाकार को ब्योरा भेजा गया। |
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