पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी
शैलेश कुमार, बिहारीगंज (मधेपुरा)। कोसी-सीमांचल के लिए केंद्र सरकार का उपहार माना जाने वाला पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना से समृद्धि के द्वार खुलेंगे। इसके निर्माण से न सिर्फ इस इलाके के लोगों के लिए पटना का यात्रा आसान होगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का जल्द ही निर्माण शुरू होगा। इसके लिए भूमि की पैमाइश कराकर सीमांकन कर लिया गया है।
मधेपुरा में भू-अर्जन संरचना तैयार
बताते चलें कि यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे मधेपुरा से होकर गुजरेगी। जिले के ग्वालपाड़ा अंचल अंतर्गत विशुनपुर अरार, रेशना, बभनगामा, सुखासन, टेमा, महाराजगंज, परसाहा, टेमा भेला, चकला गोपाल झा व महाराजगंज और बिहारीगंज अंचल के फतेहपुर, बभनगांवा, रजनी, कठौतिया व शेखपुरा मौजा की 162.3026 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है।
एक्सप्रेस-वे के लिए मधेपुरा जिले में भू-अर्जन संरचना तैयार कर ली गई है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से पटना से पूर्णिया की यात्रा अधिकतम तीन घंटे में तय किया जा सकेगा।
17-18 घंटे में सड़क मार्ग से दिल्ली की यात्रा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से उत्तर बिहार की आर्थिक उन्नति होने की उम्मीद बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा, जो पूरी तरह से राज्य की सीमाओं के अंदर होगा। इस परियोजना के पूरी होने से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी हो जाएगी।
इसके बाद कोसी व सीमांचल से 17-18 घंटे में सड़क मार्ग से दिल्ली महानगर की यात्रा की जा सकेगी। इससे बिहार प्रदेश में सबसे पिछड़ा कोसी- सीमांचल का इलाका व्यवसाय का हब बन सकता हैं। इस क्षेत्र में औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति की संभावना तेजी होंगी।
एक्सप्रेस-वे की भूमि चिन्हित होने से भू-माफिया की बढ़ी सक्रियता
पूर्णिया-पटना ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के भूमि चिन्हित किए जाने के बाद भू-माफियाओं की सक्रियता बढ़ने लगी है। पूर्व के सर्वे में बिहारीगंज प्रखंड क्षेत्र के पांच मौजा की भूमि को दर्शाया गया था, लेकिन भूमि चिन्हित किए जाने के दौरान तुलसिया मौजा की भूमि नहीं आने से चार मौजा ही एक्सप्रेस वे में आ रहा है।
इस रूट से जुड़ने वाली भूमि की कीमतों में अचानक तेजी आने लगी है। जमीन ब्रोकरचिन्हित भूमि के आधार पर किसानों की सूची निकालकर उससे मिलकर चार-पांच गुणा कीमत बढ़ा कर लगा रहें हैं।
हालांकि किसान भी एक्सप्रेस-वे की भूमि चिन्हित होने के कारण अपनी भूमि बिक्री करने से इनकार करने कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्ण होने के बाद जमीन की कीमत काफी ऊंची हो जाएगी।
पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए बिहारीगंज और ग्वालपाड़ा प्रखंड से कुल 1049 खेसरा से 162.3026 हेक्टेयर भूमि चिह्नित किया गया है। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया की जाएगी। इसकी अधिसूचना भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी कर दिया गया है।- अविनाश कुमार, अंचलाधिकारी, बिहारीगंज (मधेपुरा)। |