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मुरादाबाद में 100 बेड के ICU का इंतजार: दिल्ली रोड पर जगह तय, अब सिर्फ बजट की दरकार!

deltin33 2025-12-31 00:27:20 views 661
  

संयुक्‍त ज‍िला च‍िक‍ित्‍सालय



जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सड़क हादसों में घायल होने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं। वहीं रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर के धामपुर-स्यौहारा क्षेत्र से भी गंभीर मरीजों को मुरादाबाद से रेफर करते हैं। जिले के लिए यह अस्पताल प्रमुख उपचार केंद्र बन चुका है, लेकिन ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोसर्जन और प्लास्टिक सर्जन की व्यवस्था नहीं है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज या निजी अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे कई बार कीमती समय खराब हो जाता है और मरीजों की स्थिति और बिगड़ जाती है।

2025 में मुरादाबाद में 100 बेड के आईसीयू की स्थापना के लिए कवायद शुरू हुई। आईसीयू के लिए अब तक तीन बार जगह बदली। लंबे विचार-विमर्श के बाद दिल्ली रोड स्थित गागन पर आईसीयू यूनिट के लिए स्थान चिन्हित कर लिया है। हालांकि, अब तक इसके निर्माण के लिए बजट आवंटित नहीं हुआ।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आईसीयू निर्माण की फाइल शासन स्तर पर भेजी जा चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक बजट का आवंटन हो जाएगा। बजट मिलने के बाद शासन स्तर से निर्माण एजेंसी को आईसीयू यूनिट तैयार कराने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

सीएमओ डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि 100 बेड के आईसीयू को लेकर पूरा रोडमैप तैयार है। वहीं, जनप्रतिनिधियों ने भी इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शासन को पत्र भेजे हैं। स्वीकृति और बजट मिलते ही मुरादाबाद को अत्याधुनिक आईसीयू की सौगात मिलेगी, जिससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मरीजों को मेरठ मेडिकल कालेज नहीं भेजा जा सकेगा।
सीएमओ का संकल्‍प

स्वास्थ्य विभाग के लिए वर्ष 2025 कई उपल्ब्धियों भरा रहा। सीएमओ डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि मंडल मुख्यालय पर 100 बेड का आइसीयू होना बहुत जरूरी है। उन्होंने संकल्प लिया कि वर्ष 2026 में आइसीयू तैयार कराने के साथ ही रतनपुर कला, मूंढापांडे में अल्ट्रासाउंड मशीन, बिलारी में डिजिटल एक्सरे मशीन लगवाई जाएंगी।

भोजपुर, मूंढापांडे और रतनपुर कलां में फुल आटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और हिमेटोलाजी आटोमेटिक एनालाइजर लगेगा। इसकी डिमांड दी जा चुकी है। भोजपुर, शरीफनगर, रामपुर घोघर में डिजिटल एक्सरे मशीन लगेंगी। कांठ सीएचसी में मिनी ब्लड बैंक तैयार कराया जाएगा। मिनी ब्लड बैंक बनने से मरीजों को जिला मुख्यालय के ब्लड बैंक नहीं आना पड़ेगा। नए साल में यह व्यवस्था होगी।




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