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कपूरथला में मनरेगा कानून समाप्त करने का विरोध; नरेगा कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च, रेल मंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

LHC0088 2025-12-29 22:57:10 views 914
  

नरेगा कर्मचारी ज्ञापन सौंपते हुए।  



जागरण संवाददाता, कपूरथला। मनरेगा कानून को समाप्त कर नए बिल लागू किए जाने के विरोध में नरेगा कर्मचारी एक्शन कमेटी पंजाब की जिला इकाई की ओर से जिला प्रधान राम दित्ता के नेतृत्व में सोमवार को बड़े स्तर पर रोष रैली और धरना प्रदर्शन किया गया। यह रैली बीडीपीओ कार्यालय से शुरू होकर विभिन्न बाजारों से गुजरते हुए शहीद भगत सिंह चौक पर पहुंची।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर जिला प्रधान राम दित्ता ने कहा कि समय-समय पर सरकारों द्वारा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए कानून बनाए जाने के बावजूद आज तक नरेगा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले नरेगा कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

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जी राम जी के तहत कर्मचारियों को रोजगार की गारंटी नहीं

राम दित्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को खत्म कर लाए गए नए बिल “वीबी-जी राम जी” के तहत भी नरेगा कर्मचारियों को पक्के रोजगार की कोई गारंटी नहीं दी गई है। नए प्रावधानों में राज्यों को 40 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी वहन करने के लिए बाध्य किया गया है, जबकि पंजाब पहले ही लगभग चार लाख करोड़ रुपये के कर्ज तले दबा हुआ है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और जीएसटी व ग्रामीण विकास फंड का बकाया पहले ही जारी नहीं किया जा रहा। ऐसे में नरेगा कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।

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कर्मचारियों को अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा

उन्होंने यह भी कहा कि नए बिल के तहत ग्रामीण मजदूरों को मांग के अनुसार काम का अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि केंद्र सरकार जब और जहां चाहेगी, वहीं काम देगी। इससे मजदूरों और नरेगा कर्मचारियों दोनों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। जिला प्रधान ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा सर्व शिक्षा अभियान, रमसा, आदर्श स्कूल, मेरिटोरियस स्कूलों के अध्यापकों सहित स्वास्थ्य, वन विभाग और अन्य विभागों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जा चुका है।

मौजूदा सरकार ने भी कई विभागों के कर्मचारियों को नियमित किया है, लेकिन नरेगा कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने मांग की कि पंचायत विभाग में खाली पड़ी सभी रिक्तियों पर नई भर्ती की जाए तथा नरेगा कर्मचारियों को पंचायत विभाग में मर्ज कर नियमित पदों पर पक्का किया जाए।  

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