search
 Forgot password?
 Register now
search

संथाल समाज के हजारों ईसाई बने लोगों की होगी घर वापसी, हवन के साथ दिलाया जाएगा संकल्प

deltin33 2025-12-9 05:06:00 views 1233
  

मंदार पर्वत परिसर में अखिल भारतीय हिंदू सनातन संथाल समाज का होगा राष्ट्रीय सम्मेलन। फोटो जागरण



बिजेन्द्र कुमार राजबंधु, बांका। सनातन संस्कृति की डोर को मजबूत करने के उद्देश्य से बौंसी प्रखंड के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल मंदार पर्वत परिसर में अखिल भारतीय हिंदू सनातन संथाल समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसकी तैयारी में अलग-अलग टीम लगी हुई है। आगामी 11 से 14 जनवरी 2026 तक होने वाले इस सम्मेलन का आगाज धर्मजागरण समन्वय द्वारा किया जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इस कार्यक्रम में संथाल समाज के सैकड़ों बलिदानियों की स्मृति में पापहरणी सरोवर में जल समाधि किया जाएगा। साथ ही इसाई धर्म अपनानेवालों संथालियों का होम संकल्प कराकर घर वापसी कराने का लक्ष्य है। इस आयोजन में बिहार, झारखंड, उड़ीसा, बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के संथाली के धर्मगुरु शामिल होंगे। कार्यक्रम में हजारों आदिवासियों को शराबमुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी।

दरअसल, मकर संक्राति पर 14 जनवरी से चार दिवसीय राजकीय बौंसी सह मंदार महोत्सव का का आयोजन वर्षो से हो रहा है। इस दौरान सर्फाधर्मावलिंयों का जुटान होता मंदार में पहले होता है। यहां बिहार,झारखंड, उड़ीसा सहित नेपाल के तक आदिवासी समुदाय पहुंचकर भगवान शिव की पापहरणी सरोवर में स्नान दान कर पूजा अर्चना करते हैं। इस बार के संताल महाकुंभ में श्रीश्री हरिगुरु धाम का उदघाटन व प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा।

कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने कहा कि 24 साल पहले दामोदर नदी में संथाली बलिदानियों में स्वतंत्रता सेनानी सिदाे मुर्मू, कान्हू मुर्मू, फूलो झानो,रघुनाथ मुर्मू, गंगा राम मुर्मू,लक्ष्मण ऐसे सैकड़ाें बलिदानियों की स्मृति में पिंडदान किया गया था।

इसके बाद उनकी आत्मा को शांति के लिए दामोदर नदी से जल लेकर पापहरणी सरोवर में मोक्ष की प्राप्ति के लिए जल समाधि दी जाएगी। साथ ही घर वापसी करनेवाले लोगों को पापहरणी सरोवर में स्नान कर शुद्धिकरण किया जाएगा। समिति द्वारा इसकी वृहत तैयारी की जा रही है। धर्मरक्षक मनीष कुमार व पूर्णकालीन जिला प्रमुख जीवन लाल यादव ने कहा कि धर्म सम्मेलन ऐतिहासिक होगा। इसके लिए अलग-अलग टीम लगी हुई है।

इस संबंध में धर्मजागरण समन्वय के प्रचारक अरुणजी ने कहा कि सम्मेलन में संथाली बलिदानियों की मोक्ष की प्राप्ति के लिए जल समाधि होगी। साथ ही इसाई बने हजारों संथालियों को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए हवन व संकल्प कार्यक्रम का आयोजन होगा।
बौंसी से बेलहर तक सौ से अधिक चर्च

आदिवासी बाहुल्य बौंसी, कटोरिया, बेलहर में सौ से अधिक छोटे-बड़े चर्च बने हुए हैं। बीमारी से ठीक होने से लेकर घर बनाने व बेटी की शादी करने का लोभ देकर हजारों आदिवासियों को धर्मांतरण कराया गया है।

ऐसे लोग चर्च में जमा होकर प्रार्थना सभा में शामिल होते हैं। इस संबंध में इसाई से सनातन धर्म में पुन: आए केशव मुर्मू ने कहा कि उन्हें दिव्यांगता ठीक होने का लोभ देकर ईसाई बनाया था। जब उसकी दिव्यांगता ठीक नहीं हुई तो वह फिर से सनातन धर्म में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
466134

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com