LHC0088 • 2025-12-8 22:09:10 • views 850
जागरण संवाददाता, नारनौल। कभी-कभी किसी घर की सफलता पूरे देश के लिए प्रेरणा बन जाती है। कोजिन्दा निवासी सेवानिवृत्त जेई हनुमान प्रसाद नारनौलिया का परिवार इन दिनों ऐसी ही एक वजह से चर्चा में है।
उनकी पुत्रवधु लक्ष्मी और पोते उज्ज्वल ने पहली ही बार में CET परीक्षा उत्तीर्ण कर एक अनोखा इतिहास रच दिया है। मां और बेटे का एक साथ परीक्षा पास करना स्थानीय क्षेत्र में बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जा रही है, जिसे सुनकर लोग हैरानी के साथ गर्व भी महसूस कर रहे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लक्ष्मी का विवाह चार अप्रैल 2002 को मैनपाल से हुआ था। विवाह के बाद ज्यादातर महिलाएं परिवार में रम जाती हैं, लेकिन लक्ष्मी ने खुद को आगे बढ़ाने का संकल्प नहीं छोड़ा। घरेलू जिम्मेदारियों और बच्चों की परवरिश के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखी।
उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ ही उन्होंने एएनएम का डिप्लोमा पूरा किया और अब सीईटी में शानदार सफलता अर्जित कर सबका दिल जीत लिया है। उनका कहना है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र तय नहीं होती, बस हौसला मजबूत होना चाहिए।
उधर, उनके पुत्र उज्ज्वल ने भी प्रथम प्रयास में सीईटी पास कर परिवार की इस उपलब्धि को नई ऊंचाई दे दी। उज्ज्वल की सफलता ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
दोनों की यह संयुक्त उपलब्धि युवाओं और महिलाओं के लिए एक प्रेरक संदेश है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, निरंतर प्रयास और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नारनौलिया परिवार ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और दृढ़ निश्चय के दम पर इतिहास किसी भी उम्र में लिखा जा सकता है। मां–बेटे की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन गई है।
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