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सोमवार से फिर बाधित हो सकती हैं सरकारी चिकित्सीय सेवाएं, स्वास्थ्य मंत्री के साथ बातचीत पर नहीं बनी सहमति

cy520520 2025-12-6 20:38:12 views 1038
  

स्वास्थ्य मंत्री के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने से सरकारी चिकित्सक सोमवार से फिर से बाधित हो सकती है।



जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने से सरकारी चिकित्सक सोमवार से फिर से बाधित हो सकती है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) के अंतर्गत रेवाड़ी में 120 से अधिक चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से सोमवार और मंगलवार को सामान्य ओपीडी से लेकर आपरेशन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। एचसीएमएस ने आपातकालीन सहित सभी प्रकार की सेवाएं नहीं देने की चेतावनी दी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

एचएसीएमएस सीनियर मेडिकल आफिसर (एसएमओ) की सीधी भर्ती करने की सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
संगठन का मानना है कि मेडिकल आफिसर के सीनियर मेडिकल आफिसर (के पदों पर पदोन्नति नहीं होने से चिकित्सक बिना पदोन्नत के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

एचसीएमएस एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉ. सुधा यादव का कहना है कि आठ व नौ दिसंबर को होने वाली हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी। इस दिन ओपीडी बंद रखने के साथ न तो कोई आपरेशन होगा और न ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। लेबर रूम की सेवाएं भी बंद रहेंगी। वरिष्ठ उपप्रधान डा. दीपक वर्मा का कहना है कि पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज डाक्टरों की मांगों को मान चुके हैं लेकिन सरकार इन मांगों को लागू नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों को सीधे एसएमओ (प्रशासनिक पद) के रूप में भर्ती करने की बजाय उन्हें विशेषज्ञों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रूप से विशेषज्ञ प्रोत्साहन और आयुष्मान प्रोत्साहन और वैकल्पिक एनपीए के साथ मुआवजा दिया जाना चाहिए।

एचसीएमएस क अन्य मांग में केंद्र के समान चार एसीपी चार, नौ, 13 और 20 साल की सेवाकाल में प्रदान की जानी चाहिए। यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो आठ और नौ दिसंबर को प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम, ओटी और पोस्टमार्टम सहित सभी सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को रहती है मरीजों की ज्यादा भीड़

नागरिक अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में मरीजों की ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में एचसीएमएस की ओर से अधिकांश आंदोलन के कार्यक्रम सोमवार को ही बनाए जाते हैं ताकि मरीजों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से विचार कर सके। नागरिक अस्पताल में दैनिक ओपीडी औसत 1200 से 1500 होती है।


चिकित्सकों से जनहित में हड़ताल नहीं करने की अपील की गई है। सरकार और उच्च अधिकारियों से बातचीत करते हुए मांगों को मनवाया जा सकता है। मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सकों और सेवानिवृत्त हो चुके चिकित्सकों को कंसलटेंट के रूप में ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा भी कई विकल्पों पर विचार विमर्श किया जा रहा है। - डॉ. नरेंद्र सिंह दहिया, सिविल सर्जन रेवाड़ी
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